हाई कोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल फीस पर संशोधित आदेश – जानें क्या है विशेष

नए आदेश के अंतर्गत मात्र ऑनलाइन व संचार माध्यमों से शिक्षण कराने वाले निजी विद्यालयों को लॉकडाउन अवधि में मात्र ट्यूशन फीस लेने की अनुमति होगी।

देहरादून: हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब शासन ने शिक्षण संस्थाओं द्वारा ली जा रही फीस को लेकर संशोधित आदेश जारी किए हैं।

  • किस सूरत में ले सकेंगे मात्र ट्यूशन फीस?

नए आदेश के अंतर्गत मात्र ऑनलाइन व संचार माध्यमों से शिक्षण कराने वाले निजी विद्यालयों को लॉकडाउन अवधि में मात्र ट्यूशन फीस लेने की अनुमति होगी। इसके अलावा ये विद्यालय अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क अभिभावकों से नहीं लिया जाएगा। यदि किसी विद्यालय द्वारा अतिरिक्त विषयों का अध्यापन ऑनलाइन करवाया जा रहा है तो विद्यालय द्वारा अतिरिक्त विषय पढ़ाने के लिए पूर्व से निर्धारित शुल्क शिक्षण शुल्क के अतिरिक्त लिया जा सकेगा।

  • फीस के लिए मिल सकेगा अतिरिक्त समय

वहीं इसके अलावा ऑनलाइन या अन्य संचार माध्यमों से शिक्षण का लाभ लेने के बावजूद भी शुल्क देने में असमर्थ अभिभावक कारणों का उल्लेख करते हुए संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रबंध समिति से शुल्क जमा करने के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध कर सकते हैं।

ऐसे प्रकरणों में विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा कोविड-19 वह उसके फल स्वरुप लंबी अवधि तक लागू लॉकडाउन के कारण उत्पन्न स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सकारात्मक रूप से शुल्क के लिए वांछित अतिरिक्त समय अवधि प्रदान करनी होगी।

  • फीस में विलम्ब के कारण स्कूल से नहीं निकला जायेगा

किसी भी परिस्थिति में छात्रों को शुल्क जमा करने में हुए विलंब के कारण विद्यालय से बाहर नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा कोविड-19 के फल स्वरुप लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि में सरकारी, अर्द्ध-सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से वेतन प्राप्त करने व उनकी आजीविका में किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने के कारण ऑनलाइन व अन्य संचार माध्यमों से कक्षाओं का लाभ लेने के फलस्वरूप नियमित रूप से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।

  • नहीं होगी शुल्क वृद्धि

इसके अलावा शासन ने बड़ा आदेश देते हुए साफ कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा किसी भी परिस्थिति में इस साल शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी

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