सरकारी कर्मचारी कर रहे पेंशन बहाली की मांग

1अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी राजकीय कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है और एनपीएस व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसका विरोध किया जा रहा है।

ख़ास बात:

  • राजकीय अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षकों की मांग
  • सरकार से पेंशन बहाली की हो रही है मांग
  • 2005 के बाद नियुक्त सभी राजकीय कर्मचारियों की पेंशन है बंद
  • राजकीय कर्मचारी एनपीएस व्यवस्था का कर रहे हैं विरोध

पौड़ी: पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर एक बार फिर राजकीय अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एकजुट होना शुरू हो गए हैं। 1अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी राजकीय कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है और एनपीएस व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसका विरोध लंबे समय से किया जा रहा है।

वहीं मोर्चे के मंडलीय सचिव सीताराम पोखरियाल ने बताया कि 1अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी राजकीय अधिकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की पेंशन को बंद कर एनपीएस व्यवस्था लागू की गई है।

साथ ही बताया कि एनपीएस व्यवस्था मात्र शेयर मार्केट के आधार पर चलती है, जिससे सभी लोगों को भविष्य में नुकसान हो सकता है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की है कि उनके भविष्य को देखते हुए पुरानी पेंशन को बहाल करते हुए एनपीएस व्यवस्था को समाप्त किया जाए।

क्योंकि जिस तरह से प्रदेश में कोरोना जैसी महामारी फैल रही है उसको देखते हुए भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आगामी 7 जून को राजकीय अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक रात 9 बजे पूरे प्रदेश में दीप जलाकर केंद्र और राज्य सरकार से पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग करेंगे।

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