शर्मनाक: कर्मचारी की मृत्यु पर एक एम्बुलेंस तक नहीं बुला सकी ये कंपनी

कंपनी ने अपने कर्मचारी के साथ हुए हादसे के बाद किसी तरह की सहानुभूति तो दूर नैतिक ज़िम्मेदारी तक का निर्वहन करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि कम्पनी प्रबंधन लोडिंग के साथ साथ वेल्डिंग का कार्य भी करा रहे थे, और सुरक्षा के लिए ना तो सेफ्टी शूज और ना ही ग्लव्स दिए गए थे। ऐसे में सीधे तौर पर इसे फैक्ट्री की लापरवाही कहा जाएगा जिसके जिसके चलते ये हादसा हुआ है।

 

भगवानपुर: भगवानपुर औधोगिक क्षेत्र स्थित एक कम्पनी में कार्यरत कर्मचारी की सन्दिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजन फैक्ट्री प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे है और शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए स्वयं रुड़की सिविल अस्पताल लेकर पहुँचे।

परिजनों के मुताबिक़ 12 साल काम करने का इनाम मौत के रूप में मिला है। कर्मचारी की मौत के बाद कम्पनी ने किसी भी तरह का कोई सहयोग नहीं किया, और न ही अस्पताल भेजने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की। कंपनी ने अपने कर्मचारी के साथ हुए हादसे के बाद किसी तरह की सहानुभूति तो दूर नैतिक ज़िम्मेदारी तक का निर्वहन करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि कम्पनी प्रबंधन लोडिंग के साथ साथ वेल्डिंग का कार्य भी करा रहे थे, और सुरक्षा के लिए ना तो सेफ्टी शूज और ना ही ग्लव्स दिए गए थे। ऐसे में सीधे तौर पर इसे फैक्ट्री की लापरवाही कहा जाएगा जिसके जिसके चलते ये हादसा हुआ है।

फैक्ट्री में कार्यरत अन्य कर्मी मृतक कर्मचारी को अस्पताल लेकर पहुँचे है। मृतक मनोज सहारनपुर के भोजेवाला माजरा गांव का निवासी था। फिलहाल परिजनों द्वारा पुलिस को सूचित किया गया है।

आपको बता दें कि भगवानपुर औधोगिक क्षेत्र स्थित ईस्ट इंडिया उद्योग लिमिटेड के नाम से एक कम्पनी है जिसमें सूचना के मुताबिक़ आज सुबह मनोज नामक कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। कर्मचारी को मृतावस्था में अन्य कर्मी अस्पताल लेकर पहुँचे जहां मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि कम्पनी प्रबंधन की लापरवाही के चलते कर्मचारी की मौत हुई है। उनका कहना है कि कम्पनी प्रशासन इस हादसे को दबाना चाहता था, लेकिन कम्पनी में काम करने वाले अन्य वर्कर्स मृतक को अस्पताल लेकर पहुँचे। कम्पनी में कार्यरत मृतक के परिजनों के अनुसार मनोज पिछले 12 सालों से उक्त कम्पनी में काम करता था, लेकिन जब उसके साथ ये हादसा हुआ तो कम्पनी ने हाथ खड़े कर दिए।

उधर अस्पताल पहुँचे फैक्ट्री के एक अधिकारी से जब इस बाबत जानकारी लेना चाहा तो साहब कैमरे के सामने चुपचाप खड़े रहे। साहब मात्र इतना बोल पाए कि कम्पनी में कोई हादसा नहीं हुआ है। अब हैरानी वाली बात है कि क्यों मृतक के परिजन झूठ बोल रहे हैं, या क्यों कंपनी के कर्मचारी मृतक को लेकर अस्पताल पहुंचे हैं, या फिर क्यों कंपनी के ये अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं – उम्मीद है कि पुलिस जांच में ही इस घटना का सच स्पष्ट हो पाएगा कि असली माजरा है क्या।

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