हरिद्वार | सन्यासी और वैष्णव अखाड़ों के बीच विवाद

अखाड़ा परिषद के महमंत्री हरिगिरि पर असंवैधानिक रूप से पद पर काबिज होने का आरोप लगा

 

 

हरिद्वार | संतों की सर्वोच्च संस्था कही जाने वाली अखाड़ा परिषद में किन्नर अखाड़े को लेकर विवाद अभी थमा भी नही था कि सन्यासी और वैष्णव अखाड़ों के बीच भी ठन गई है। वैष्णव सम्प्रदाय के अखाड़ों ने अखाड़ा परिषद के महमंत्री हरिगिरि पर असंवैधानिक रूप से पद पर काबिज होने का आरोप लगाया है। वैष्णव अखाड़ों के अनुसार अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री दोनों पद सन्यासी अखाड़ों के पास हैं, जबकि इनमें से एक पद वैष्णव अखाड़ों के पास होना चाहिए।

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर प्रमुख सन्यासी अखाड़े निरंजनी के महंत नरेंद्र गिरी हैं, वहीं सन 2006 महामंत्री पद पर सन्यासी अखाड़े जूना के महंत हरिगिरि का कब्जा है जो सरासर गलत है।

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वैष्णव अखाड़ों ने अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे जूना अखाड़े के संरक्षक हैं और उन्हें बतौर संरक्षक अखाड़ा परिषद में ही शामिल होने का अधिकार नही… लिहाजा अखाड़ा परिषद में जल्द से जल्द बदलाव हो और सन्यासियों के साथ-साथ वैष्णव अखाड़ों को भी प्रतिनिधित्व मिले। हम आपको बता दें कि 13 अखाड़ों वाली अखाड़ा परिषद में 07 सन्यासी, 03 वैष्णव, 02 उदासीन जबकि एक निर्मल अखाड़ा है

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