Home उत्तराखंड टॉप मतदाताओं को चुनाव के लिए नहीं नापनी पड़ेगी दो किमी से अधिक पैदल दूरी

मतदाताओं को चुनाव के लिए नहीं नापनी पड़ेगी दो किमी से अधिक पैदल दूरी

 

देहरादून| प्रदेश में इस साल मतदाताओं को चुनाव के लिए दो किमी से अधिक की पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 135 नए मतदेय स्थल बनाए हैं।

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने ग्रामीण क्षेत्र में एक भवन में दो से अधिक और शहरी क्षेत्र में एक भवन में चार से अधिक मतदेय स्थल स्थापित नहीं करने का निर्णय लिया है। वहीं, कोरोना के दृष्टिगत एक मतदेय स्थल में 1200 मतदाताओं को रखना सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं।

प्रदेश में अगले वर्ष की शुरुआत में चुनाव होने हैं। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस कड़ी में आयोग मतदेय स्थलों के मानकीकरण को अंतिम रूप दे रहा है। आयोग ने इस बार इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि मतदेय स्थल तक पहुंचने के लिए किसी भी मतदाता को प्राकृतिक बाधाओं या नदी, नालों आदि को पार करने का जोखिम न उठाना पड़े।
इसके साथ ही कोरोना के दृष्टिगत एक मतदेय स्थल में अधिकतम 1200 मतदाताओं को ही मत का प्रयोग करने की व्यवस्था की है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदेय स्थल जीर्ण-शीर्ण अथवा क्षतिग्रस्त न हों। ग्रामीण स्थल में एक भवन में अधिकतम दो और शहरी क्षेत्र में एक भवन में चार से अधिक मतदेय स्थल स्थापित न हों।
मतदेय स्थल में प्रवेश व निकास के लिए यथा संभव अलग-अलग दरवाजे हों। इन बिंदुओं को केंद्र में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार 635 नए मतदेय स्थल चिन्हित और 12 समायोजित किए हैं। बीते चुनावों में 11024 मतदेय स्थल थे, इस बार इनकी संख्या बढ़ाकर 11,647 की गई है। इनमें दो किमी से अधिक पैदल दूरी के कारण 135 नए मतदेय स्थल, 1200 से अधिक मतदाता होने के कारण 500 नए मतदेय स्थल बनाए गए हैं।

मतदेय केंद्रों में ये सुविधाएं की जा रही विकसित

प्रदेश में मतदेय केंद्रों में दिव्यांग मतदाताओं के मद्देनजर रैंप, पेयजल की सुविधा, पर्याप्त फर्नीचर की उपलब्धता, मतदेय केंद्रों में विद्युत की व्यवस्था, हेल्प डेस्क, शौचालय व शेड आदि का भी निर्माण किया जा रहा है।

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