जीवित व्यक्ति के फेफड़े के हिस्से, कोरोना मरीज को ट्रांसप्लांट

महिला को उसके पति और बेटे ने अपने फेफड़ों के हिस्से दिए

 

 

टोक्यो। जापान के डॉक्टरों ने दुनिया में पहली बार कोरोना से गंभीर रूप से पीडि़त मरीज को जीवित डोनर से फेफड़ों के टिश्यू ट्रांसप्लांट करने में सफलता हासिल की है। महिला को उसके पति और बेटे ने अपने फेफड़ों के हिस्से दिए।

क्योटो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में 11 घंटे तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों का दावा है कि महिला कुछ महीनों में पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इस सर्जरी का नेतृत्व करने वाले डॉ. हिरोशी डेट के मुताबिक, इस सर्जरी के जरिए दुनिया को हमने यह बताने की कोशिश की है कि जीवित डोनर्स से ट्रांसप्लांट भी एक नया विकल्प है।

कोरोना के कारण खराब हो चुके फेफड़ों वाले मरीजों के लिए यह बड़ी उम्मीद है। सर्जरी के बाद मरीज और डोनर तीनों स्थिर हैं। पति ने बाएं और बेटे ने दाएं फेफड़े के सेगमेंट्स दिए। 30 सदस्यों की टीम ने सर्जरी की। दो महीने बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

इसलिए दुर्लभ है यह सर्जरी: डॉ. हिरोशी के मुताबिक, मरीज की उम्र 65 साल से कम होनी जरूरी है। डोनर की उम्र 20-60 साल होनी चाहिए। डोनर को 13 तय मानक पूरे करना जरूरी है। इस प्रक्रिया में दो लोब प्रत्यारोपित किए जाते हैं, इसलिए डोनर और रेसिपिएंट के ऑर्गन की साइज भी मैच होनी जरूरी है।

 

 

 

 

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