हर की पैड़ी हरिद्वार

आकाशीय बिजली से नहीं घटा हर की पैड़ी पर हादसा – जानें क्या थी वजह

जांच कमेटी द्वारा की गई जांच की बुधवार देर रात आई रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया है कि बरसात के बाद पानी की रिसाव से हर की पैड़ी की दीवार गिरी थी।

2016 में एस्केप चैनल घोषित हुई गंगा की धारा; शासनादेश रद्द करने की मांग

साल 2016 में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने हर की पैड़ी पर बहने वाली गंगा की धारा को एक शासनादेश में एस्केप चैनल यानी नहर घोषित किया था। तभी से कई धार्मिक और तीर्थ पुरोहितों के संगठन इस शासनादेश को रद्द करने की मांग करते चले आ रहे हैं।

हरिद्वार में ये श्रावण कुछ अलग – नहीं गूँज रही ‘बम भोले’ की जयकार

हर की पैड़ी की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और आलाधिकारी क्षेत्र में घूम-घूम कर कावड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने में जुटे हुए हैं।

माँ गंगा के घाटों पर लौटी रौनक

कोरोना के चलते आम यात्रियों की संख्या कम रही लेकिन पिछले कई दिनों से इंतजार कर रहे श्रद्धालु हर की पैड़ी पहुंचे और ब्रह्म कुंड में डुबकी लगाई।

हरिद्वार: धर्मनगरी में मठ-मंदिरों के साथ खुले दक्ष मंदिर के द्वार

दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सबसे पहले प्रातः कालीन आरती की गई और भोलेनाथ के मंदिर को गंगा जल से धोया गया।

सोमवार से खुलेंगे धर्मनगरी के मठ-मंदिरों के द्वार

हर की पैड़ी प्रबंधन और मठ-मंदिरों के पुजारियों-पुरोहितों द्वारा सरकार की गाइडलाइन का पालन करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।