भगवानपुर: ग़रीबों के हक़ पर डाका मारते राशन डीलर

राशन डीलर किसके इशारे पर ग़रीबों के हक पर डाका मार रहे है। ये कौन लोग हैं जो राशन डीलर के पीछे है जो डीएम महोदय के आदेशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है?

रिपोर्ट: मुर्स्लीन अल्वी

खास बात:

  • जब सैय्याँ भये कोतवाल तो डर काहे का?
  • भगवानपुर में कौन मार रहा गरीबों का हक़?
  • डीएम के आदेशों की उड़ रहीं खुलेआम धज्जियां
  • ग़रीबों को नहीं मिल रहा हक़ का राशन

भगवानपुर: देश एक बेहद नाजुक दौर से गुज़र रहा है। राज्य सरकार से लेकर समाज सेवी तक ग़रीबों के लिये राशन मुहैय्या कराने में अपना किरदार निभा रहे है। लेकिन कुछ दबंग राशन डीलर ग़रीबों के मुंह से निवाला छीनने से भी बाज़ नहीं आ रहे।

लेकिन सवाल ये भी है कि आखिर राशन डीलर किसके इशारे पर ग़रीबों के हक पर डाका मार रहे है। ये कौन लोग हैं जो राशन डीलर के पीछे है जो डीएम महोदय के आदेशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है? दर असल ये लोग जो कैमरे के सामने बोल रहे है ये कोई साहूकार नहीं हैं बल्कि रोज़ाना की दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोग है जो कहीं न कहीं ग़रीबी का शिकार है।

पूरा मामला भगवानपुर विकास खण्ड के डाडापट्टी गाँव का है जहां राशन डीलर राजकुमार उर्फ राजू ग़रीब तबक़े के लोगों को राशन न देकर सब अपने आप ग़बन कर रहा है। जिसकी शिकायत गांव वालों ने ऑनलाइन डीएम महोदय को भी की जिस पर डीएम हरिद्वार के आदेश पर एक जांच समिति गांव में पहुंची भी लेकिन शिकायतकर्ता को इसकी भनक तक नहीं लगी और जांच समिति टीम गुपचुप तरीके से निकल गई। इसके चलते राशन डीलर भी अपनी मनमानी करने लगा। अंजाम ये हुआ कि अब जो कोई भी उस के सामने आवाज उठाता है उसे ही जान से मारने की धमकी दे डालता है। मजाल है की कोई ग्रामीण उसके सामने सर उठाने की हिम्मत कर सके।

वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सरकारी कोटा मिले दस साल हो गए पर सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद आज तक राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है। इस की शिकायत उच्चाधिकारियों तक भी की गई मगर उनकी आवाज को दबा दिया गया। उनका कहना है कि हम लोग मजदूर तबके के लोग है हम अपनी मजदूरी करे या अधिकारियों के चक्कर काटे। कोई भी अधिकारी हमारी सुनने को तैयार नहीं है हम जाएँ भी तो कहाँ जाएँ।

सवाल बड़ा है – आखिर मजूदर अपनी मजदूरी करे या फिर अधिकारियों के चक्कर काटे? सम्बन्धित अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद भी कोई इन ग़रीबों की सुनने को तैयार नहीं है और हो भी क्यों जब नौकरी सरकार की होती है और हुक्म ऐसे दबंग राशन डीलरों का माना जाता है तो राशन डालरों का तो हाल वही है कि जब सैय्याँ भये कोतवाल तो डर काहे का।

इस मामले में भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने सख्त लहजा दिखाया है। उन्होंने कहा है कि आपदा से राज्य जूझ रहा है ऐसे में राशन डीलर को मदद करनी चाहिए ओर वह गरीबों का हक छीन रहा है जिस बारे में जल्द ही डीएम महोदय को अवगत करा दिया जायेगा जिससे राशन डीलर पर सख्त कार्यवाही हो ।

इस बाबत हमने भगवानपुर के खाद्य आपूर्ति अधिकारी टी एन शर्मा से भी बात की। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच की गई है जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है।

इस मामले में भगवानपुर एसडीएम संतोष कुमार पाण्डेय से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि डी एम हरिद्वार द्वारा मुझे अवगत कराया गया था जिसकी जांच कराई गई तथा प्रथम दृष्टया कमियां पाई गई जिसको लेकर राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त कराने हेतु रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

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