Gyanvapi Survey | दूसरी मस्जिद नहीं होने देंगे शहीद: ओवैसी

ओवैसी ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए जा रहे सर्वे को लेकर सवाल उठाए।

ज्ञानवापी

Gyanvapi Surveyअहमदाबाद | दिसंबर में होनेवाले गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की राज्य में चहल पहल बढ़ गई है| आगामी चुनाव को लेकर शनिवार को गुजरात आए एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में किए जा रहे सर्वे को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद धोखे से छीन ली है, लेकिन ज्ञानवापी मस्जिद छीनने नहीं देंगे। मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि ज्ञानवापी मस्जिद थी और रहेगी। ओवैसी ने 1991 के कानून में स्पष्ट है कि 15 अगस्त 1947 के रोज जो भी धार्मिक स्थल था, उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि 1991 में ज्ञानवापी मामले में इलाहाबाद कोर्ट ने स्टे जारी किया था।  अगर कोई 1991 के कानून के विपरीत जाकर मंदिर, मस्जिद, गिरजा घर इत्यादि से छेड़ाछाड़ या बदलाव करनेका प्रयास करता है उसके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करो। इस मामले में आरोपी को 3 साल की सजा हो सकती है।

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उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत सभी राजनीतिक दल मुसलमानों को डराने का प्रयास कर रहे हैं। ये सभी दल चाहते हैं कि मुसलमान केवल अपने घरों में मुसलमान बनकर रहें और घर से बाहर निकलें तब मुसलमान न रहें। ऐसे में प्रधानमंत्री को ज्ञानवापी के मामले में मौन तोड़ना चाहिए, वह इस प्रकार मौन नहीं रह सकते। प्रधानमंत्री भरुच के अयूब पटेल की बेटी की आंखों में आंसू देख भावुक हो जाते हैं, लेकिन 1991 के कानून पर खामोश रहते हैं। जबकि प्रधानमंत्री की संवैधानिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री को अपनी खामोशी तोड़ कहना चाहिए कि सरकार 1991 के कानून का पालन कराने के लिए कटिबद्ध है|

उन्होंने कहा कि पूरे देश से झूठ बोला गया कि मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई गई थी। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने के कोई प्रमाण नहीं हैं।

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ओवैसी ने कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमानों की संस्कृति खत्म करने की कोशिश की जा रही हैं। देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर कोई बात नहीं की जा रही| रुपया लगातार गिर रहा और उस पर भी बात नहीं की जा रही| जबकि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेन्द्र मोदी कहते थे कि प्रधानमंत्री और रुपए के बीच स्पर्धा चल रही है।

एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने बीटीपी और आप के बीच हुई गठबंधन को लेकर कहा कि सभी राजनीतिक दलों के एलायंस करने का अधिकार है और कोई भी किसी के साथ जा सकता है। कांग्रेस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गुजरात में 8 या 10 विधायक ही जीते तो कांग्रेस क्या करेगी? कांग्रेस ऐसी बैटरी हो जो दोबारा रिचार्ज नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा तोड़ने का काम करती है, जबकि मैं जोड़ने की बात करता हूं। वोट गरीब देते हैं अमीर नहीं। इसके बावजूद गरीबों का परेशान किया जाता है|

उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों खंभात और हिम्मतनगर में मकान तोड़ने पर प्रधानमंत्री भावुक नहीं हुए| एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि औरंगजेब की मजार पर चद्दर चढ़ाना गैरकानूनी नहीं है। अगर गैरकानूनी है तो उसके लिए कानून बनाएं। मदरसों में राष्ट्रगीत अनिवार्य करने पर ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रगीत गाने से कोई इंकार नहीं कर सकता।

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