पौड़ी: पैदल घर लौट रहे मजदूरों के लिए करेंगे आमरण अनशन

केंद्र सरकार हो या किसी भी राज्य की सरकार, किसी ने भी इन मजदूरों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है, जिससे मजदूर तबका भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है।

ख़ास बात:

  • समाज सेवी नमन ने की मजदूरों के हित की मांग
  • पैदल घर लौट रहे मजदूरों के लिए करेंगे आमरण अनशन
  • तीन दिनों तक करेंगे नंगे पांव यात्रा
  • मजदूरों की पीड़ा को समझे सरकार – नमन (समाज सेवी) 

पौड़ी: लॉक डाउन के चलते आर्थिक रूप से परेशान प्रवासी मजदूर पैदल अपने गांवों को लौट रहे हैं। मजदूरों को इस दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन मजदूरों की परेशानी को दूर करने के लिए युवा समाजसेवी नमन चंदोला बीते दो दिनों से नंगे पांव चल रहे हैं। नमन का कहना है कि सरकार गरीब तबके व मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।

कोरोना महामारी से गरीब और मजदूर तबका भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है, साथ ही मजदूरों के मरने की खबरें भी आए दिन बढ़ रही हैं, जिसे नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। समाजसेवी नमन ने सरकार से मजदूरों के लिए ठोस योजना बनाने की अपील की है और एसा न करने पर नमन ने आमरण अनशन की चेतावनी भी दी हैं।

आपको बतादें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए करीब पिछले दो माह से देश भर में लॉक डाउन है। लॉक डाउन के दौरान काम धंधे व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद होने से मजदूरों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। काम न होने के कारण मजूदर अपने गांवों को पैदल ही वापस लौट रहे हैं, जिससे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समाज सेवी नमन चंदोला का कहना है कि केंद्र सरकार हो या किसी भी राज्य की सरकार किसी ने भी इन मजदूरों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। मजदूर तबका भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है, और पैदल चलते चलते मजदूरों के मरने की घटनाएं भी हो रही है।

बावजूद इसके सरकारें इनके प्रति केवल संवेदना के और कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। नमन ने कहा सरकार की मजूदरों के प्रति इस लापरवाही के खिलाफ वह तीन दिन तक नंगे पांव चलेंगे। जिससे कि उन्हें इनकी पीड़ा का अहसास हो।

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