भगवानपुर: ऑनलाइन पढ़ाई से आंखों और दिमाग को है ख़तरा

डॅाक्टरों की सलाह है कि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करने के साथ साथ रोज़ एक्सरसाईज़ भी करनी चाहिए।

ख़ास बात:

  • लॅाकडाउन के चलते हो रही है ऑनलाइन पढ़ाई
  • बच्चों को करना पड़ रहा है फोन और कंप्युटर का अपयोग
  • ऑनलाइन पढ़ाई से आंखों और दिमाग को है ख़तरा
  • सावधानी पुर्वक इस्तेमाल करें एंड्रॉइड फोन और कंप्युटर

भगवानपुर: कोरोना संक्रमण के कारण देश में 22 मार्च से लॅाकडाउन है और सबकुछ लगभग बंद है स्कूल और कॅालेज तो पूरी तरह बंद है और इस बात की उम्मीद भी कम है कि जल्द ही स्कूलों को खोला जाएगा। क्योंकि सवाल बच्चों की सेहत का है, जो पढ़ाई से पहले है।

लेकिन जहां एक ओर बच्चों के सेहत को नुकसान न पहुचे जिसके लिए बच्चों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी है जिसके लिए सरकार ने ही मंजूरी दी है। बड़े तो बड़े छोटे छोटे बच्चों के हाथो में भी एंड्रॉइड मोबाईल फोन हैं। जिसे वे घंटों लेकर बैठे रहते हैं, और जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इसी बारें में जब रुड़की के जाने माने डॅाक्टर व आँखों के विशेषज्ञ डॉ चन्द्रशेखर ग्रोवर व मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिवम गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना था कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर तो बुरा असर पड़ता ही है, बल्कि दिमाग पर भी ज़ोर पड़ता है।

डॅाक्टरों की  सलाह है कि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करने के साथ साथ रोज़ एक्सरसाईज़ भी करनी चाहिए और लगातार कंप्युटर और एंड्रॉइड फोन के आगे नहीं बैठना चाहिए। थोड़ी थोड़ी देर में आंखों को आराम देना चाहिए और अगर संभव हो तो चश्मा पहन कर ऑनलाइन पढ़ाई करें।

बच्चे हमारे देश का भविष्य है और उनकी पढ़ाई के साथ साथ अनका स्वास्थ्य भी जरूरी है। हमारा सभी पेरेंट्स से निवेदन है कि वे अपने बच्चों का खास ध्यान रखें कोरोना से तो बचाए ही लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के समय भी डॅाक्टरों की दी गई सलाह को मानें।

 

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