PM मोदी ने दिखाई दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी

प्रधानमंत्री ने आज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड को देश को समर्पित किया।

ख़ास बात

  • पीएम ने रेवाड़ी-मदार सेक्शन न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ तक का भी किया उद्घाटन!
  • लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन में जुड़े वैगन 4 गुना अधिक कंटेनर इकाइयों को ढोने में सक्षम
  • डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन के परिचालन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा

PM मोदी ने दिखाई दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को हरी झंडीनई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के 306 किलोमीटर लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड को देश को समर्पित किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा चलने वाली 1.5 किलोमीटर लंबी दुनिया की पहली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ राजस्थान एवं हरियाणा के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।

डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन के परिचालन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा। इसे डीएफसीसीआईएल के लिए आरडीएसओ के वैगन विभाग द्वारा डिज़ाइन किया गया है।

बीएलसीएस-ए और बीएलसीएस-बी वैगनों की प्रतिकृति के परिचालन के परीक्षण पूरे हो चुके हैं। यह डिजाइन क्षमता उपयोग और एक समान वितरित एवं स्थलवारलदान (पॉइंट लोडिंग) को अधिकतम स्तर पर ले जायेगा।

कंटेनर इकाइयों के लिहाज से डब्ल्यूडीएफसी पर एक लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन में जुड़े ये वैगन भारतीय रेलवे की वर्तमान क्षमता की तुलना में चार गुना अधिक कंटेनर इकाइयों को ढो सकते हैं। डीएफसीसीआईएल भारतीय रेलवे की पटरियों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा अधिकतम गति के मुकाबले 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से मालगाड़ियां चलाएगा, वहीं भारतीय रेलवे की लाइनों पर मालगाड़ियों की 26 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा औसत गति को बढ़ाकर डीएफसी पर 70 किलोमीटर प्रति घंटा भी किया जाएगा।

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पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे का न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड हरियाणा (महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में लगभग 79 किलोमीटर) और राजस्थान (जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों मेंलगभग 227 किलोमीटर) में स्थित है। इसमें नौ नवनिर्मित डीएफसी स्टेशन शामिल हैं, जिनमें से छः – न्यू डबला, न्यू भगेगा, न्यू श्री माधोपुर, न्यू पचार मलिकपुर, न्यू सकून और न्यू किशनगढ़-क्रॉसिंग स्टेशन हैं। जबकि अन्य तीन- रेवाड़ी, न्यू अटेली और न्यू फुलेरा- जंक्शन स्टेशन हैं।

इस खंड के शुरू होने से राजस्थान और हरियाणा के रेवाड़ी – मानेसर, नारनौल, फुलेरा और किशनगढ़ इलाके में स्थित विभिन्न उद्योगों को लाभ होगा और यह काठुवास में स्थित कॉनकोर के कंटेनर डिपो के बेहतर इस्तेमाल को भी संभव बनायेगा। यह खंड गुजरात में स्थित कांडला, पिपावाव, मुंधरा और दाहेज के पश्चिमी बंदरगाहों के साथ निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा। इस खंड के उद्घाटन के साथ, डब्ल्यूडीएफसी और ईडीएफसी के बीच निर्बाध संपर्क संभव हो जायेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 29 दिसंबर 2020 को ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लंबे न्‍यू भाऊपुर-न्‍यू खुर्जा खंड देश को समर्पित किया था।

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