डॉक्टर पर गंभीर आरोप; एफआईआर की मांग

देहरादून: देहरादून के निजी अस्पताल के एक चिकित्सक पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है।  मृतक के परिजनों ने इंसाफ की मांगकरते हुए मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी माँ की मौत हो गयी।

देहरादून के एक निजी अस्पताल को चलाने वाले डॉक्टर जगदीश झाझरा पर गंभीर आरोप लगे हैं। देहरादून के सालावाला के निवासी नीरज ढींगरा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने अपनी माता को स्वास्थ्य में गड़बड़ी व मामूली कमजोरी होने के कारण साल 2018 में  संतुष्टि हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।

अस्पताल के डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि उनकी माताजी को कुछ मल्टीविटामिंस के डोज़ देकर उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। फिर अचानक उसी शाम को उनकी मान की तबियत बिगड़ने पर उन्हें दुसरे बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। परिजनों को शक होने पर उन्होंने अपने मरीज से मिलने की जिद की  लेकिन अस्पताल वालों ने मना कर दिया एंबुलेंस आने पर जब वह कमरे में घुसे तो उनकी मां की पहले से ही मृत्यु हो चुकी है जिसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया।

राजधानी  के बहुचर्चित अस्पताल में महिला की मृत्यु पर अस्पताल प्रशासन द्वारा मृत्यु का ठोस कारण नहीं बताया गया व लगातार बात को टला जा रहा है, परिजनों ने बताया। परिवार इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ एफ आईआर की मांग कर रहा है।

वहीं इस मामले में एसएसपी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि इस तरीके के मामलों में मेडिकल बोर्ड की ओपिनियन के बाद ही फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट दर्ज की जाती है।

राजधानी में यह पहला मामला नहीं है जब किसी अस्पताल पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हो लेकिन अब देखने वाली बात यह है कि जहां एमसीआई ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर यह लिखा है कि इसमें अस्पताल की कोई भी लापरवाही उजागर नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी मां के लिए इंसाफ लेने के लिए भटक रहा पीड़ित परिवार लगातार पुलिस प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि उनकी बात को अन्यथा ना किया जाए बल्कि उस पर त्वरित कोई न कोई ठोस कार्रवाई की जाए।

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