प्रवासियों के रोज़गार को लेकर पौड़ी प्रशासन गंभीर, डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी पौड़ी ने आज जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

पौड़ी: उत्तराखंड में पलायन को रोकने के लिए कई प्रयास व कई प्रकार की योजनायें बनायीं जाती रही हैं। और इस बार एक महामारी के कारण वो हो गया जिसके लिए प्रदेश की जनता, सरकार, प्रशासन सब परेशान थे। प्रवासी लौट आये हैं – पर अब एक बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा है ये सवाल – कि क्या उनको प्रदेश में ही रोका जा सकेगा?

प्रवासियों की घर वापसी… पहाड़ों के लिए समस्या या प्रदेश के लिए समाधान…

मौजूदा हालात के चलते सभी बुद्धिजीवियों का मानना है कि प्रवासियों का लौटना प्रदेश सरकार के लिए एक सुनहरा अवसर है – जब वो इतने बड़े मेहनती कामगारों के समूह को प्रदेश के लिए एक अच्छे संसाधन के रूप में प्रदेश के विकास में लगा सकती है। इसके चलते प्रशासन कमर कस कर तमाम तय्यारियों में जुट गया है जहाँ लौटे हुए प्रवासियों को रोज़गार से जोड़कर प्रदेश में रोका जा सके। जनपद पौड़ी में भी प्रवासियों की गिनती पचास हज़ार का आंकड़ा पार कर चुकी है।

प्रवासियों की वापसी – पौड़ी लाइव – एक चर्चा!

संवाद स्टूडियो – पौड़ी के नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम से चर्चा 

इसी के चलते जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने आज विकास भवन सभागार, पौड़ी में जिला स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

जिलाधिकारी ने जनपद के बन्द हुए स्कूलों को आजीविका संवर्द्धन समूहों को देने को कहा, ताकि स्वरोजगार स्थापित करने वाले इच्छुक लोगों को जिनके पास जगह का अभाव है, उन्हें भी अपनी स्वरोजगार स्थापित करने के लिए जगह उपलब्ध कराये जा सके।

मौजूदा हालातों में प्रशासन की गंभीरता को यूँ समझा जा सकता है कि इस बैठक में  जिलाधिकारी ने एडी रेशम के बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनके वेतन रोकने के निर्देश दे डाले।

उन्होंने पाॅली हाउस के बड़े प्लान हेतु जगह का चिन्हीकरण करने, मुर्गी पालन (कड़कनाथ), मौन पालन, बकरी पालन, पशुपालन आदि क्लस्टर के माध्यम से करते हुए बढ़ाने के निर्देश दिये।

रोज़गार सृजन: ब्रांड ‘कड़कनाथ’ के साथ होगी अब पोल्ट्री फार्मिंग 

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा करते हुए उद्यान विभाग को पाॅली हाउस, सब्जी बीज वितरण, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, हल्दी/अदरक बीज वितरण, उद्यानों की घेरवाड़ आदि कार्य एनआरएलएम कलस्टर के माध्यम से करते हुए बढ़ाने को कहा।

पशुपालन विभाग को पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन के तहत ‘कड़कनाथ’ प्रजाति को विशेष फोकस करते हुए बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2019-20 में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होम स्टे विकास योजना तथा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाल स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति पर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने खादी, कृषि, डेरी विकास, काॅपरेटिव, सहकारिता, एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना, मत्स्य, नगर पंचायत, नगर पालिका, समाज कल्णाण, ग्राम्य विकास आदि विभागों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए रोजगार सृजन बढ़ाने के निर्देश दिये।

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