अप्रैल में तय थी शादी, आज हो सका लगन भारत और सरिता का

भारत की ओर से 11 बराती सरिता के गांव कुचोली पहुंचे थे जहां पर भी मात्र 10 सगे संबंधियों के बीच सरिता को विदा किया गया।

पौड़ी: कोरोना संक्रमण का असर आम जन से लेकर खास लोगों तक हुआ है। संक्रमण का असर अब धीरे-धीरे शादी विवाह में भी दिखने लगा है। आमतौर पर शादियों में अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी, मगर इस संक्रमण के डर के कारण और सरकार के ख़ास-दिशा निर्देशों के बाद शादी पार्टियों की रौनक खट्टी सी हो गई है।

मामला पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लॉक का है जहां पर रहने वाले भारत का विवाह 14/15 अप्रैल को होना सुनिश्चित हुआ था। भारत चंडीगढ़ में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, मगर लॉकडाउन होने के कारण चंडीगढ़ में ही फँस गया। इस वजह से भारत का विवाह तय समय पर संभव नहीं हो पाया।

मगर आज सभी विधि-विधान के साथ उनका विवाह सरिता के साथ संपन्न हो गया। मात्र औपचारिक तरीके से सगे संबंधियों के बीच भारत और सरिता एक दूसरे के साथ जन्मों के बंधन में बन्ध गए।

भारत की ओर से 11 बराती सरिता के गांव कुचोली पहुंचे थे जहां पर भी मात्र 10 सगे संबंधियों के बीच सरिता को विदा किया गया।

भारत ने बताया कि जब विवाह अप्रैल में होना था तब सभी को निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका था, मगर लॉकडाउन की वजह से उस समय विवाह संपन्न नहीं हो पाया और जब विवाह संपन्न हुआ तो सरकार के सख्त दिशा निर्देशों के बाद मात्र कुछ लोग ही विवाह का हिस्सा बन पाए।

भारत के रिश्तेदार सते सिंह रावत बताते हैं कि बस कुछ खास सगे संबंधियों के बीच सभी विधि विधानों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। विवाह की खास बात ये रही कि विवाह में सोशल डिटेनसिंग ओर मास्क पहनने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही दोनों ने एक पौधा भी लगाया।

जानिये क्यूँ उत्तराखंड विवाह के समय लगाते हैं पौधा नव-दंपत्ति  – क्या है मैती की रस्म?

इतना तय है कि कोरोना संक्रमण ने आम और खास को एक समान नजरिया रखने का संदेश दे दिया है अब देखना होगा आने वाले समय में इंसान किस तरह से इस सामंजस्य को बनाए रख पाता है।

Leave a Reply

ये भी पढ़ें