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क्यों बंगाल में दीदी को करना पड़ रहा चंडीपाठ – बताया योगी आदित्यनाथ ने

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उन्होंने कहा कि मैं जब आया तो जय श्री राम के नारों के साथ मेरा अभिवादन किया गया, लेकिन ममता बैनर्जी को भगवान के नाम से परहेज है।
योगी आदित्यनाथ

ख़ास बात 

  • पुरुलिया में ममता और राहुल पर बरसे सीएम योगी
  • सेक्युलरिज्म खतरे में न पड़े इसलिए मंदिर नहीं जाते थे टीएमसी के नेता
  • ममता दीदी को करना पड़ रहा है चंडीपाठ

कोलकाता | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में पुरुलिया में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं जब आया तो जय श्री राम के नारों के साथ मेरा अभिवादन किया गया, लेकिन ममता बैनर्जी को भगवान के नाम से परहेज है। उन्होंने कहा कि हाल के सालों में बंगाल में बहुत कुछ बदला है। सेक्युलरिज्म खतरे में न पड़ जाए इस डर से पहले लोग मंदिरों में जाने से परहेज करते थे, लेकिन अब ममता दीदी को भी चंडीपाठ करना पड़ रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा बंगाल के लोगों की पीड़ा ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली। भाजपा इसका समाधान करने आई है। तृणमूल की गुंडागर्दी और अराजकता लंबे समय तक नहीं चल पाएगी। 2 मई के बाद तृणमूल सरकार की विदाई सुनिश्चित है। इस दौरान उन्होंने भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा उठाया और कहा कि राज्य में अराजकता का दौर बहुत दिनों तक जारी नहीं रह सकता।

उन्होंने कहा कि मैं सन 2019 में भी पुरुलिया आया था और यहां की मुख्यमंत्री ने मेरा हेलीकाप्टर नहीं उतरने दिया था। तब मेरा हेलीकॉप्टर झारखंड में उतरा था और वहां से मैंने 35 किमी सड़क मार्ग से यहां आकर आपके उत्साह को देखा था। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव प्रचार की जब शुरुआत करनी थी तो मैंने कहा कि मैं पुरुलिया से ही इसकी शुरुआत करूंगा।

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उन्होंने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं को रैलियों में आने से रोका जा रहा है, लेकिन जब मुझे कार्यकर्ताओं ने कहा कि सभा में भीड़ नहीं हो पाएगी तो मैंने उनको कहा कि मेरे पहुंचते ही भाजपा का बहादुर कार्यकर्ता सारे बंधनों को तोड़कर सभास्थल पर पहुंचेगा और आपने मेरी यह मान्यता सच साबित कर दी है। आपने यह साबित कर दिया है कि हर तरह के अन्याय और अत्याचारों से लड़ते हुए आप मंजिल तक पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि ममता दीदी जय श्री राम के नारे से बहुत ज्यादा चिढ़ती हैं और जब मैं यहां आया तो मेरा अभिवादन जय श्री राम के नारे से ही किया गया। वैसे एक परिवर्तन तो आया है। 2014 के पहले मंदिरों में जाने से नेता डरते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि उनका सेक्युलिरिजम खतरे में पड़ जाएगा, लेकिन आज मैं देखता हूं कि ममता दीदी भी मंदिर में जाकर चंडीपाठ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है और हर व्यक्ति को भगवान की शरण में जाना ही पड़ेगा।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी चुनाव के समय मंदिर-मंदिर जाते हैं और एक जगह तो मंदिर में ऐसे बैठ गए कि पुजारी को टोकना पड़ा। वह ऐसे बैठ रहे थे जैसे कोई नमाज पढ़ने के लिए बैठते हैं। तब पुजारी ने उन्हें समझाया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के मंत्र सबका साथ सबका विश्वास ने गरीबों को मकान, स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों को सम्मान निधि और सभी लोगों को आपकी आस्था का सम्मान करने के लिए मजबूर भी कर दिया। तभी तो किसी को मंदिर जाकर चंडी का पाठ कर रहा है तो कोई मंदिर जाकर दर्शन करने के लिए मजबूर हो रहा है और यह सबसे बड़ी वैचारिक विजय है। उन्होंने कहा कि वैचारिक विजय के मंच पर जब हम जीत गए हैं तो जनता जर्नादन का आशीर्वाद स्वत: ही मिलना है।