देहरादून: उत्तराखंड शासन के द्धारा सचिवालय में 10 पदों पर किए गए प्रमोशन से सचिवालय संघ में दो फाड़ होते हुए नजर आ रही है। उत्तराखंड सचिवालय अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कार्मिक संगठन ने सचिवाल संघ से अलग होने की बात कही है। संगठन ने सचिवालय संघ को पत्र भेजकर 10 पदों पर किए गए प्रमोशन को निरस्त करने की मांग की है अन्यथा सचिवालय संघ से त्याग पत्र देने की बात कही है।

संगठन के अध्यक्ष विरेंद्र पाल सिंह का कहना कि जिन 10 पदों पर पदोन्नति की गई है उनमे एक पद पर भी  अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के कर्मिक को पदोन्नति नहीं मिली है, जो कि पूरी तरह से गलत है। सचिवालय संघ का काम है कि वह सचिवालय के सभी कर्मचारियों के हित की बात करे न कि किसी वर्ग विशेष की इसलिए वह कहना चाहते है कि सचिवालय संघ एक वर्ग विशेष की लड़ाई लड़ रहा है जो गलत है। वहीं संघ के अध्यक्ष का कहना है कि जिन अधिकारियों के प्रमोशन हुए है वे 11 सितम्बर से पहले के है जहां तक सचिवालय संघ से अलग होने की बात है तो ये संघ को कमजोर करने की बात है जिसका नुकसान सभी को भुगतना होगा।

Leave a Reply

ये भी पढ़ें