हरिद्वार | हरिद्वार में शारदीय नवरात्र की धूम शुरू हो चुकी है। यहाँ के सभी देवी मंदिरों में भक्तों को सैलाब उमड़ा हुआ है हर कोई माँ को प्रसन्न करने का, रिझाने का प्रयास कर रहा है। कोरोना काल मे पड़ रहे शारदीय नवरात्र में यहाँ के माँ मनसा देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ रही है।

ऐसी मान्यता है कि शिवालिक पर्वत पर आसीन मनसा देवी माँ मन से प्रकट हुए थी और इनका प्राकट्य महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए हुआ था और तब ही से वे इस पर्वत पर विराजमान है। मान्यता है कि माँ मनसा देवी मंदिर में आराधना करने वाले की सभी मनोकामनाए पूरी होती है और नवरात्र में तो जो भी सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

पुराणों के अनुसार प्राचीन काल में महिषासुर नामक राक्षस ने देवताओं और मनुष्यों पर भयंकर अत्याचार ढा रखे थे। ऐसे में जब महिषासुर के अत्याचार से सभी दुखी हो गए तब देवताओं के मन में आया कि ऐसी कोई शक्ति का अवतरण होना चाहिए जो महिषासुर नामक राक्षस का संहार कर सके। देवताओं के मन से निकली प्रार्थना पर माँ दुर्गा ने मन से अवतार लिया और महिषासुर के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। माँ दुर्गा के इस स्वरुप का अवतार मन से हुआ था इसीलिए माँ के इस स्वरुप का नाम मनसा देवी पड़ा और माँ मनसा देवी तब ही से शिवालिक पर्वत पर विराजमान है।

शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मनसा देवी की पूजा-आराधना कर लेता है उसकी सभी कामनाएं पूरी हो जाती है और उसके सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं माँ मनसा उनका वरन कर लेती है। यही नहीं नवरात्र में माँ मनसा देवी की आराधना करने का विशेष लाभ है। यही नहीं माँ मनसा देवी से मांगी गयी मुराद के लिए यहाँ पर स्थित कचनार के पेड़ पर धागा बाँधा जाता है यह पेड़ माँ चामुंडा देवी के मंदिर के साथ है और कामना पूरी होने पर भक्तों को इस धागे को खोलने के लिए यहाँ आना पड़ता है।

शिवालिक पर्वत पर स्वतः प्रकट माँ मनसा देवी पूज्य है और जो भी सच्चे मन, आस्था और श्रद्धा के साथ माँ मनसा की पूजा और आराधना करता है उसकी सभी कामनायें पूरी होती है और उसके सभी दुःख दूर हो जाते हैं। नवरात्र में माँ मनसा देवी की पूजा-आराधना करने का विशेष लाभ मिलता है और माँ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती है और सभी मनोकामनाएँ पूरी करती है। इसीलिए माँ के भक्त दूर-दूर से यहाँ आकर माँ की पूजा आराधना कर रहे हैं। मनसा देवी मंदिर में पूजा करके श्रद्धालु उत्साहित हैं।

नवरात्रों में माँ दुर्गा की आराधना करने का विशेष महत्व है और इन 09 दिनों में माँ की विभिन्न 09 स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्र में हरिद्वार में खास रौनक रहती है और देश के कोने-कोने से माँ की पूजा करने के लिए भक्त हरिद्वार आते हैं और माँ के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं।

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