पहाड़ से धोखा | दो राजधानियों पर उठते सवाल

आन्दोलनकारियों ने आज अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन करते हुए तीसरी विधान सभा और दो राजधानियों का विरोध किया।

 

देहरादून: उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक अर्ध सैनिक सयुंक्त संगठन के बैनर तले पूर्व सैनिकों व उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने क्रिकेट स्टेडियम रायपुर के नज़दीक आज अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया। इस जगह पर उत्तराखंड की तीसरी विधानसभा परिसर का निर्माण प्रस्तावित है।

आन्दोलनकारियों ने आज अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन करते हुए तीसरी विधान सभा और दो राजधानियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों में मौजूद नारद बने एक व्यक्ति ने सरकार पर व्यंग किये। उन्होंने बताया कि एक राज्य में दो राजधानी नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि वे सभी देहरादून में जंगल काटकर एक और विधानसभा नही बनाने देँगे और राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण में ही होनी चाहिये।

आपको बता दें कि पिछले दिनों गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर प्रदेश सरकार ने खासी वाह-वाही लूटी थी। लेकिन कई लोगों ने सवाल उठाये थे, कि देहरादून प्रदेश की अस्थायी राजधानी है और गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी है, तो प्रदेश की स्थायी राजधानी का वजूद कहाँ है?

इसके साथ ही कई लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि दो राजधानियों के साथ ही प्रदेश जो मूल रूप से अपने पहाड़ों की भौगोलिक स्थति के चलते बना था, उसे पुनः दो भागों में बाँट दिया गया है। ऐसे में देहरादून में बैठकर अधिकारी और नेता पहाड़ की पीड़ा को कभी भी महसूस नहीं कर सकेंगे।

जरूर देखिये ये विशेष रिपोर्ट।

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