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पीजी स्टूडेंट्स को किसी भी स्ट्रीम का टॉपिक को चुनने की स्वतंत्रता: UGC

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही स्नातकोत्तर छात्रों को सब्जेक्ट्स को चुनने में और अधिक सहूलियत दे सकता है। वह स्टूडेंट्स को यह छूट दे सकता है कि पीजी लेवल पर वह टॉपिक को चुन सकें, जो उन्होंने भले ही ग्रेजुएट स्तर पर न पढ़ा हो।

नई दिल्ली । स्नातकोत्तर में किसी भी स्ट्रीम के टॉपिक को चुनने की स्वतंत्रता को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) प्रयासरत है। इस संबंध में आयोग द्वारा तैयार प्रारुप के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही स्नातकोत्तर छात्रों को सब्जेक्ट्स को चुनने में और अधिक सहूलियत दे सकता है। वह स्टूडेंट्स को यह छूट दे सकता है कि पीजी लेवल पर वह टॉपिक को चुन सकें, जो उन्होंने भले ही ग्रेजुएट स्तर पर न पढ़ा हो।

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यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने इस संबंध में मीडिया संस्थान से बातचीत में यह जानकारी दी कि “मान लीजिए कि अगर कोई छात्र चार साल के यूजी प्रोगाम में बतौर मेजर भौतिकी में और माइनर सब्जेक्ट्स में अर्थशास्त्र से कर रहा है। अब नए मानदंडों के तहत, यह छात्र भौतिकी या अर्थशास्त्र में पीजी प्रोगाम में प्रवेश के लिए पात्र होगा। इसके अलावा, छात्र, उन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए भी पात्र होंगे, जो स्नातक के दौरान उनके प्रमुख या माइनर सब्जेक्ट्स से संबंधित नहीं हैं।

हालांकि, इसके लिए उन्हें सीयूईटी पीजी प्रवेश परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना होगा। इस संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए पीजी छात्र-छात्राओं को यूजीसी के ऑफिशियल वेबसाइट पर समय-समय पर विजिट करते रहना चाहिए। इसके अलावा, यूजीसी ने पहले ही चार साल के यूजी कार्यक्रमों के लिए रूपरेखा जारी कर दी है, जिसे इस साल देश भर के 100 से अधिक विश्वविद्यालयों ने अपनाया है।