पतंजलि ने किया कोरोना की दवा बनाने का दावा, क्लिनिकल ट्रायल जारी

इस औषधि में उपयुक्त तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा जैसी औषधियां उत्तराखंड में पहाड़ों पर बहुतायत रूप में हैं और पहाड़ों पर लौट रहे प्रवासी इनका उत्पादन कर रोजगार कर सकते हैं।

हरिद्वार: अगर सब कुछ ठीक रहा तो कोरोना से निपटने के लिए पतंजलि योगपीठ द्वारा बनाई गई औषधि को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से भी मान्यता मिल जाएगी। इन औषधियों की क्लीनिकल स्टडी के बाद अब इनका ट्रायल भी लगभग पूरा होने वाला है।

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया है कि क्लीनिकल ट्रायल के शुरुआती नतीजे बेहद सुखद हैं और जल्द ही तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर यह औषधि लोगों के बीच होगी।

पतंजलि के हरिद्वार स्थित अनुसंधान केंद्र में सैकड़ों वैज्ञानिक दिन-रात एक कर लगे हुए हैं। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कोरोना की इस औषधि में जिन तत्वों का प्रयोग हुआ है उनमें से तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा जैसी औषधियां उत्तराखंड में पहाड़ों पर बहुतायत रूप में हैं और पहाड़ों पर लौट रहे प्रवासी इनका उत्पादन कर रोजगार कर सकते हैं लिहाजा राज्य सरकार को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए।

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