वरिष्ठ नागरिक की मांग – साल के आखिर में लगे 12 दिन का लॉकडाउन

ज्ञापन में लॉकडाउन से हुए फायदों को बरकरार रखने के लिए साल के आखिर में एक साथ 12 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने की मांग की हैं।

ख़ास बात:

  • प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
  • रुड़की की जॉइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
  • ज्ञापन में साल में एक बार लॉकडाउन की मांग
  • लॉकडाउन से होगा पर्यावरण को फायदा

रुड़की: कोरोना महामारी के चलते देश भर में 22 मार्च से लॉकडाउन  था जिसके कारण देशवासियों को अर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर देश को कुछ फायदे भी हुई जैसे पर्यावरण में शुद्धता आई और पर्यावरण की साफ सफाई भी हुई।

खासकर देश की नदियां साफ हो चुकी हैं। इन्हीं सब बदलाव को देखते हुए रुड़की के निवासी वरिष्ठ नागरिक प्रवीण अरोड़ा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसमें लॉकडाउन से हुए फायदों को बरकरार रखने के लिए साल के आखिर में एक साथ 12 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने की मांग की हैं।

इसके अलावा प्रवीण अरोड़ा ने इन 12 दिनों के अलावा सारी छुटिटयों को निरस्त करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सरकार हर महीने एक रविवार को सभी सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी न देकर काम करवाये। साथ ही सभी दुकानदार अपनी छुट्टी के दिन भी दुकानों को खोलें और इन 12  दिनों के बदले साल के आखिर में 12 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया जाए, जिससे वातावरण अपने आप शुद्ध हो जाएगा और सरकार को भी बहुत राहत मिलेगी।

उनका मानना है कि सरकार अगर ये कानून लागू कर दे तो आने वाली पीढ़ियां को भी इसका फायदा मिलेगा। वहीं आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अबसार काजमी का भी कहना है कि लॉकडाउन के चलते गंगा भी बिल्कुल शुद्ध हो गयी है और गंगा का पानी बिल्कुल निर्मल हो गया। लॉकडाउन के चलते वातावरण भी शुद्ध हो गया है।

अब देखने वाली बात ये होगी कि सरकार द्वारा रुड़की के इन वरिष्ठ नागरिक के ज्ञापन पर क्या फैसला लिया जाता है। बहरहाल इनके द्वारा उठाए गए मांग को लेकर कहीं न कहीं शहर के लोग भी खासे उत्साहित हैं।

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