भाजपा के कैलाश पन्त प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में शामिल

देहरादून: उत्तराखण्ड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए दावेदारी को लेकर जारी जोड़-तोड़ के बीच संगठन व कार्यकर्ताओं के भीतर कई नाम चर्चाओं में हैं। इन चर्चित नामों में संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े व टिहरी लोकसभा से प्रभारी कैलाश पन्त का नाम सुर्ख़ियों में है।

आने वाले दिनों में होने वाले प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी का प्रयास है कि इस अहम पद का कार्यभार अनुभवी नेतृत्व को सौंपा जाए। गौरतलब है कि 2022 के विधान सभा चुनाव की ज़िम्मेदारी भी वर्तमान में चुने गए प्रदेश अध्यक्ष को ही संभालनी है। ऐसे में यह पद पार्टी के भविष्य के लिए स्वतः ही अहम हो जाता है।

राज्य के भिन्न समीकरणों के चलते जिन तमाम नामों पर पार्टी का मंथन जारी है, उनमें कुमाऊं मंडल से वर्तमान अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट, संघ पृष्ठभूमि से जुड़े कैलाश पंत, बंशीधर भगत व संघ से निकले केदार जोशी का नाम शामिल है। इसके अलावा डॉ. धन सिंह रावत, ज्योति प्रसाद गैरोला, पुष्कर सिंह धामी, अजय टम्टा, बलराज पासी व राजेंद्र भंडारी के नामों पर भी अटकलें अगाई जा रही हैं। इन सभी नामों के चलते और भाजपा की उत्तराखण्ड राज्य को लेकर अब तक की नीति पर यदि गौर किया जाये तो संगठन व पार्टी पिछले कुछ वर्षों से मुख्यमंत्री गढ़वाल से व प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कुमाऊं मण्डल से ही करती आई है।

पार्टी कार्यकर्ताओं की मानें तो कैलाश पन्त संगठन व पार्टी की पसंद हो सकते हैं। राजनीति शास्त्र से MA, कैलाश पन्त की दावेदारी न सिर्फ जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों के चलते बल्कि कार्यकर्ताओं की पसंद के रूप में भी मज़बूत मानी जा रही है। पार्टी के बीच उनकी छवि एक ऐसे जुझारू नेता की है जो लो-प्रोफाइल रहकर कार्य करते हैं व प्रत्येक छोटे-बड़े कार्यकर्ता से संवाद रखते हुए सब को लेकर चलते हैं।

संगठन की गहरी समझ व पन्त के अनुभवों के मद्देनज़र प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन की दावेदारी निश्चित रूप से प्रबल मानी जा रही है। ऐसे में अब पार्टी क्या निर्णय लेती है यह तो समय ही बताएगा।

 

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