शिवभक्तों के आसरे थे जो, अब बेहाल वो ‘कांवड़ के कारीगर’

हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में कई परिवारों ने कर्ज लेकर कांवड़ तैयार की लेकिन इस बार उनकी कांवड़ के खरीदार नहीं होंगे।

 

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा पर रोक लगने से सैकड़ों परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है। हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में कई परिवारों ने कर्ज लेकर कांवड़ तैयार की लेकिन इस बार उनकी कांवड़ के खरीदार नहीं होंगे।

सावन में होने वाली कांवड़ यात्रा को इस बार सरकार की ओर से रद्द कर दिया गया है। कोरोना महामारी के चलते सरकार ने यह निर्णय लिया है। हर साल कांवड़ यात्रा से कुछ महीने पहले हरिद्वार के ज्वालापुर में रहने वाले कई परिवार कांवड़ और कांवड़ यात्रा से जुड़ी चीजें बनाने में जुट जाते हैं। इनमें से कई परिवार कर्ज पर रकम लेकर सामान खरीदते हैं और कांवड़ तैयार कर बेचते हैं।

इस बार कांवड़ यात्रा रद्द हो जाने से इन कारीगरों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन लोगों ने कर्ज लेकर कांवड़ बनाने का काम शुरू कर दिया था। इस बीच कांवड़ यात्रा रद्द हो जाने से इन सैकड़ों कारीगरों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा में मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकल सकती है। उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। इस दौर में अलग-अलग वर्ग के साथ भिन्न-भिन्न चुनौतियों ने लोगों के जीवन व आर्थिकी को हिला कर रख दिया है।  ऐसे में सरकार को इन लोगों की भी कुछ सुध लेनी चाहिए और उनकी आर्थिक सहायता करनी चाहिए।

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