हरिद्वार | हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली गंगनहर को मध्यरात्रि बंद कर दिया है। अब दीपावली की रात 14 नवम्बर को गंग नहर में जल छोड़ा जाएगा, इस बार दशहरे से 10 दिन पूर्व कुम्भ कार्यों के लिए गंग नहर को बंद किया गया है। गंग नहर के बन्द होने के बाद बड़ी मात्रा में गंदगी दिखाई देने लगी है, इसके साथ ही बंदी के दौरान गंगा में रुपए, पैसे बीनने वालों की बाढ़ सी आ गई है।

सुबह सवेरे एक पैसे बीनने वाले व्यक्ति के हाथ गणपति जी का चांदी का मुकुट लग गया है। उसका कहना है कि गंगा मैया ने उसकी दीपावली मना दी है। इसके अलावा लोगों के हाथ सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के लग रहे हैं। यह वह तबका है जो साल भर गंगा बंदी का इंतजार करता है और गंगा बंद होने के बाद पूरे परिवार के साथ गंगा में उतर कर पैसे बीनने का काम करता है।

गंगा बंदी के दौरान गंग नहर की साफ-सफाई और मरम्मत के कार्य किए जाएंगे और कुंभ मेले के लिए गंगा स्नान घाटों का निर्माण भी किया जाएगा।

माँ गंगा पापनाशिनी और मोक्षदायिनी है। हरिद्वार में गंगा जी सबका कल्याण करती हैं। गंगा मैया जब यहां कल-कल करके बहती हैं तो श्रद्धालु डुबकी लगाकर अपने पापों को नष्ट करते हैं और उनका कल्याण होता है। गंगा बंद होने के बाद भी गरीब लोगों की दीपावली मनवा रही है।

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