जाते-जाते दे गए उपजिलाधिकारी पौड़ी को ये सौगात – युवाओं के लिए ख़ास

उपजिलाधिकारी पौड़ी अंशुल सिंह अपने प्रशिक्षण समय के बाद जाते-जाते पौड़ी को एक सौगात देकर जा रहे हैं। अंशुल सिंह ने लॉकडाउन की समय सीमा पर जिले को एक ऐसी चीज दी है, जिसकी दरकार सालों से पहाड़ों में क्रिकेट में अपना भविष्य तलाश रहे खिलाड़ियों को थी।

 

पौड़ी: उपजिलाधिकारी पौड़ी अंशुल सिंह अपने प्रशिक्षण समय के बाद जाते-जाते पौड़ी को एक सौगात देकर जा रहे हैं। अंशुल सिंह ने लॉकडाउन की समय सीमा में जिले को एक ऐसी चीज दी है, जिसकी दरकार सालों से पहाड़ों में क्रिकेट में अपना भविष्य तलाश रहे खिलाड़ियों को थी।

उपजिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जिले को पहली ऐसी पिच की सौगात रांसी को दी है, जिस की दरकार लंबे समय से क्रिकेट में रुचि रखने वाले नौजवान खिलाड़ियों को थी। उन्होंने लॉक डाउन की इस विकट घड़ी में रोजगार के साथ-साथ युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए रांसी स्टेडियम में एक ऐसी पिच तैयार की है, जिस पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपना भविष्य बना सकते हैं।

अंशुल सिंह इससे पहले भी रेलवे की ओर से खेल चुके हैं। क्रिकेट के प्रति समर्पण की उनकी भावना इससे पहले भी देखी जा चुकी है।

अंशुल सिंह का कहना है कि उन्होंने देखा कि पौड़ी में कई ऐसी प्रतिभाएं हैं जो प्रदेश के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं, मगर उन्हें सही ट्रेनिंग और पिच ना मिल पाने के कारण उनकी प्रतिभा पहाड़ में ही खेल कर सीमित रह जाती है।

मगर अब इसके तैयार हो जाने से अंडर-15 और 17 में अपना भविष्य तलाश रहे नवयुवाओं के लिए यह पिच किसी सौगात से कम नही है। लॉक डाउन के समय का सदुपयोग करते हुए उन्होंने कुछ पिच के जानकारों को पिच बनाने के लिए तैयार किया और लॉक डाउन के दौरान ही पिच को तैयार कर दिया गया।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में पौड़ी जिले से बहुत से ऐसे नौजवान निकलकर सामने आएंगे जो प्रदेश के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन करेंगे।उपजिलाधिकारी की इस सौगात से खिलाड़ी फूले नहीं समा रहे हैं।

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