देहरादून में दिल्ली जैसी नहीं, बल्कि नासिक जैसी मेट्रो चलेगी

स्मार्ट सिटी बनने जा रहे देहरादून में अब दिल्ली जैसी नहीं, बल्कि नासिक जैसी मेट्रो चलाई जाएगी

 

देहरादून में लाइट मेट्रो की जगह नियो मेट्रो चलाने की भी तैयारी

देहरादून । स्मार्ट सिटी बनने जा रहे देहरादून में अब दिल्ली जैसी नहीं, बल्कि नासिक जैसी मेट्रो चलाई जाएगी और लाइट मेट्रो की जगह अब नियो मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि ‎विशेषज्ञों का कहना है कि योजना की कमी की वजह से 5 साल से मेट्रो कागजों में ही दौड़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार ने 2016 में देहरादून में मेट्रो का सपना देखा, लेकिन बीते 5 साल में तमाम विदेश दौरों और लाखों के खर्च के बाद भी मंत्री, सचिव और मेट्रो कॉर्पोरेशन एक फाइनल प्लान तैयार नही कर पाए हैं। पहले मेट्रो की बात हुई, फिर लाइट रेल ट्रांजिट की, फिर रोप वे और अब नियो मेट्रो की बात हो रही है। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए विदेश दौरे कर चुके मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि नियो मेट्रो सस्ती है, जिसमें एक बार मे करीब 100-150 लोग सफर कर सकेंगे और नासिक में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।

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ट्रांसपोर्ट ‎विशेषज्ञों की मानें तो मेट्रो प्रोजेक्ट में कमी योजनाओं की है। हर साल देहरादून में टैफिक और भीड़ बढ़ रही है। 5 मिनट के रूट मे 25 मिनट का जाम लोगों को परेशान करता है। वहीं अफसरों का कहना है कि सबसे बडे शहर में बढ़िया ट्रांसपोर्ट सिस्टम का प्लान बन रहा है, जिसमें नियो मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस जैसे ऑप्शन पर काम चल रहा है। देहरादून में मेट्रो प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 45 हज़ार करोड़ है, जबकि आने वाली नियो मेट्रो की लागत करीब 10 हज़ार करोड़ रुपए होगी। इसे देहरादून के लिए बेस्ट बताया जा रहा है, लेकिन बार-बार बदलता मेट्रो का प्लान आखिर परवान कब चढ़ेगा, फिलहाल ये साफ नहीं है।

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