विशेष

संवाद स्टूडियो | एक चर्चा खुशाल सिंह नेगी, जिला पर्यटन अधिकारी, पौड़ी से

पर्यटन से जुड़े रोज़गार के अवसरों में भी प्रवासियों के लिए कई प्रकार से योजनायें बनायीं जा रही हैं। इसी के चलते क्या हैं प्रयास, क्या हैं योजनायें – जानने के लिए बात की हमारे संवाददाता मुकेश बछेती ने पौड़ी ज़िले के पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी से।

ख़बर का असर: ‘हलधर कौशल्या’ का बोझ बांटने आगे आया प्रशासन

प्रशासन द्वारा कौशल्या देवी को कृषि से संबंधित उपकरण और बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही जिलाधिकारी पौड़ी धिराज सिंह गर्ब्याल भी खबर देखने के बाद कौशल देवी की आर्थिक मदद के लिए आगे आये है।

GOOD STORIES: पौड़ी की ‘हलधर कौशल्या’ – एक नाम अटूट हौसले का

हलधर के नाम से प्रसिद्ध कौशल्या देवी एक बड़ा उदाहरण हैं जो अपनी मिट्टी में रहकर ही अपने साथ अन्य लोगों के बेकार समझे जा रहे बंजर खेतों को न केवल सरसब्ज कर रही हैं बल्कि जीवन जीने का उदाहरण भी पेश कर रही हैं।

संवाद स्टूडियो | नदियाँ और पर्यावरण – एक चर्चा मोहन सिंह गाँववासी से

बीते दिनों में कोरोना का दौर पर्यावरण के लिए नयी ऊर्जा लेकर आया है – लेकिन ये बदलाव कितना स्थिर होगा, इसके तमाम पहलुओं पर मोहन सिंह गाँववासी से एक चर्चा।

संवाद स्टूडियो | एलएसी पर तनाव को लेकर रिटायर्ड ब्रिगेडियर के जी बहल से खास बातचीत

बीत दिनों में एलएसी पर भारत-चीन तनाव के बीच तमाम पहलुओं पर एक चर्चा रिटायर्ड ब्रिगेडियर के जी बहल से संवाद स्टूडियो में।

सॉफ्टवेर इंजिनियर कर रहा मुर्गी पालन, युवाओं के लिए बना प्रेरणा

अनुज ने एक सॉफ्टवेर इंजिनियर होने के बावजूद मुर्गी पालन के क्षेत्र में कदम रखा और आज पहाड़ के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

संवाद स्टूडियो – एपिसोड 5 | एक चर्चा गैरसैंण पर – वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत के साथ

क्यों मानते हैं वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत इस घटनाक्रम को एक सोचा-समझा ‘पोलिटिकल स्टंट’ – देखिये हमारे संवाददाता सौरभ सिंह बिष्ट के साथ ये ख़ास चर्चा।

प्रवासियों की वापसी – पौड़ी लाइव – एक चर्चा!

पौड़ी ज़िले में प्रवासियों की वापसी और ज़िले की तय्यारी… एक चर्चा वरिष्ठ पत्रकार अनिल बहुगुणा, समाज सेवी नमन चंदोला व ग्रामीण पत्रकार जगमोहन डांगी के साथ….

प्रवासियों की घर वापसी… पहाड़ों के लिए समस्या या प्रदेश के लिए समाधान…

प्रवासियों की हो रही लगातार घर वापसी को क्या एक समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए, या फिर प्रदेश के लिए एक समाधान बन सकते हैं ये प्रवासी?

स्पेशल रिपोर्ट: हरिपुर टोंगिया – दर्द भरी गाँव की दास्तां

ग्रामीणों की माने तो सरकार के आदेश इस गाँव में आते-आते दम तोड़ देते है। फिलहाल ग्रामीणों को पूरा राशन नही मिल रहा है जिसको लेकर ये ग्रामीण अपनी बेबसी पर आंसू बहाने को मजबूर है।

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