महाकुम्भ ’21 | मेले की भव्यता, दिव्यता पर अखाड़ा परिषद् की अहम् बैठक

मेले में पूर्व की तरह ना केवल भव्य पेशवाई और शाही यात्रा निकलेंगी बल्कि मेला क्षेत्र में टेंट भी लगेंगे।

 

हरिद्वार | पिछले कुम्भ मेलों की तरह अगले साल होने वाला हरिद्वार महाकुंभ भी भव्य और दिव्य होगा। कुम्भ मेले में पूर्व के मेलों की तरह ना केवल भव्य पेशवाई और शाही यात्रा निकलेंगी बल्कि कुम्भ मेला क्षेत्र में टेंट भी लगेंगे।

इसके साथ ही सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, साधू-संत और श्रद्धालू शिरकत करेंगे। हरिद्वार में आज सम्पन्न हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में कुम्भ मेले को लेकर कई प्रस्ताव पास हुए। दो सत्रों मे चली अखाड़ा परिषद की बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। कोरोना के कुम्भ पर पड़ते असर का मुद्दा पूरी बैठक में छाया रहा। कई अखाड़ों ने तो बैठक में यहां तक चेतावनी दे डाली कि अगर मेले में टेंट ना लगाए गए तो कुम्भ का क्या औचित्य।

काफी जद्दोजहद के बाद दूसरे सत्र में बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी मेलाधिकारी और मेला आईजी को लेकर पहुंच गए। जिसके बाद अखाड़ों में कुम्भ के दौरान टेंट लगवाने, शाही जुलूस और पेशवाई निकालने जैसे मुद्दों पर सहमति बनती नजर आई। हालांकि अखाड़ा परिषद ने यह भी साफ कर दिया कि 11 मार्च के पहले शाही स्नान से पूर्व एक बार फिर कोरोना की लहर को देख कर फैसला लिया जाएगा।

बैठक में बैरागी कैम्प में मौजूद बैरागी अखाड़ों के मंदिरों को ना तोड़ने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। अखाड़ा परिषद कल देहरादून में पूर्वाह्न 11 बजे सीएम त्रिवेंद्र के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इन प्रस्तावों को राज्य सरकार को सौंपेगा।

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