7 दिन में 10 ट्रैकर्स की मौत के बाद प्रशासन ने किन्नौर में ट्रैकिंग पर लगाया प्रतिबंध

हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में बीते एक सप्ताह में 10 ट्रैकर्स की मौत ।

शिमला| हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह में बर्फबारी के चलते 10 ट्रैकर्स की मौत हो गई है। किन्नौर में दो ट्रैकर्स अब भी लापता हैं। ऐसे में प्रशासन ने किन्नौर जिले में ट्रैकिंग पर रोक लगा है। किन्नौर के डीसी अपूर्व देवगन ने ट्रैकिंग पर पाबंदी से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं।

आदेशों की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने अपने आदेश में कहा कि अब किन्नौर जिला में किसी भी तरह की ट्रैकिंग गतिविधियों का आयोजन नहीं होगा। लगातार बिगड़ रहे मौसम और बर्फबारी और मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद लोग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज नहीं कर रहे, जिससे वे हादसों का शिकार हो रहे। लोगों के लापरवाही रवैये को देखते हुए ही किन्नौर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

अब जब तक प्रशासन इस संबंध में आगामी आदेश जारी नहीं करता, तब तक यह पांबदी जारी रहेगी। दरअसल, किन्नौर जिला सैलानियों के लिए ट्रैकिंग की पसंदीदा जगह है। लेकिन पिछले 1 सप्ताह में यहां पर 10 सैलानियों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 सैलानी अभी लापता हैं। 11 सैलानी सैलानी उत्तराखंड के हर्षिल से होते हुए किन्नौर के छितकुल आ रहे थे। इस दौरान लमखागा दर्रे पर ये फंस गए और यहां से 2 ट्रैकर्स को रेस्क्यू किया गया है, जबकि सात के शव निकाले गए हैं। वहीं, दो लोग अब भी लापता है। ये लोग दिल्ली और बंगाल से थे। शिमला के रोहड़ू की तरफ से किन्नौर के लिए निकला एक दल भी बर्फबारी में फंस गया था। इसमें ठंड की वजह से 3 सैलानियों की मौत हो गई, जबकि, दस को बचा लिया गया था।

शिमला से सांगला के लिए ट्रैकिंग पर निकले सैलानियों ने ट्रैकिंग की अनुमति ली थी या नहीं, इसकी अभी जांच चल रही है। हालांकि, उत्तराखंड के हर्षिल से छितकुल आने वाले सैलानियों के पास अनुमति थी। कई बार सैलानी बिना अनुमति के ही ट्रैकिंग के लिए किन्नौर पहुंचते हैं। प्रशासन को इसकी सूचना तभी मिलती है, जब सैलानी किसी आपदा में फंस जाते हैं। इन्हीं सब बातों को देखते हुए किन्नौर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है।

 

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