पौड़ी के प्रवासी | घर लौटे प्रवासियों में 27,000 अब भी सोच रहे पलायन की: सर्वे

27 हजार प्रवासियों का कहना है कि वे देखेंगे कि बाहर उन्हें किस तरह की संभावनाएं मिलती है। संभावनाएं उनके अनुकूल हुई तो वे फिर से बाहर निकल जाएंगे।

 

पौड़ी: लॉक डाउन के बाद से ही पौड़ी जिले में प्रवासियों का आने का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके तहत पौड़ी जिले में अब तक 66 हजार से अधिक प्रवासी आ चुके हैं।

इन प्रवासियों को पहाड़ों में ही रोकने के लिए जिला प्रशासन भी तत्पर है। जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में 4500 से अधिक पर प्रवासी ने जिला प्रशासन से कहा है कि वे पहाड़ों में ही अपना जीवन यापन करना चाहते हैं, जिसके तहत कृषि, बागवानी जैसी योजनाओं में उन्हें रोजगार दिया जाए।

27 हजार प्रवासी ऐसे हैं जो समय का इंतजार कर रहे हैं। इन 27 हजार प्रवासियों का कहना है कि वे देखेंगे कि बाहर उन्हें किस तरह की संभावनाएं मिलती है। संभावनाएं उनके अनुकूल हुई तो वे फिर से बाहर निकल जाएंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि जो प्रवासी गांव में ही रोजगार करना चाहते हैं उनके लिए जिला स्तर पर काम किया जा रहा है, जिसे आने वाले दिनों में लागू किया जाएगा, जो बाहर जाने वाले प्रवासियों के लिए भी एक सीख का काम करेगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि जिला प्रशासन तत्परता से यहां रोजगार करने वाले प्रवासियों को रोकने के लिए ठोस रणनीति जल्द ही धरातल पर उतारेगा, जिससे रोजगार के लिए बाहर जाने वाले प्रवासियों को भी एक सीख दी जा सकेगी और वह यहीं पर अपना गुजर-बसर कर सकेगा।

स्थानीय महिला पूजा नेगी का कहना है कि जिला प्रशासन को सरकार की स्वरोजगार की नीति का प्रचार प्रसार के साथ उनको धरातल पर उतार कर ही प्रवासियों को गांव में रोका जा सकेगा। सरकार को बैंकों को भी निर्देशित करना पड़ेगा कि वह स्वरोजगार के लिए लोन के लिए आसान नीति बनाएं जिससे लोग बेहिचक बैंकों से लोन लेकर अपने लिए स्वरोजगार के अवसर तलाश सकें।

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