झुंझुनू के शहीदों ने लिखी है शौर्यगाथा 56 years ago शूरां निपजे झुंझुनू, लिया कफन का साथ रण-भूमि का लाडला, प्राण हथेली हाथ उक्त कहावत को चरितार्थ किया है झुंझुनू...