हीरा सिंह राणा

नहीं रहा उत्तराखंड का ‘हीरा’ – एक युग का अंत

हीरा सिंह राणा के गीतों में लोक संस्कृति की महक रची बसी होती थी और गायकी में देवभूमि की एक अलग पहचान होती थी जिस वजह से वे सही मायनों में प्रदेश के लिए  नायाब हीरे से कम नहीं थे।