जीआईसी साकिनखेत

प्रवासियों के साथ बीत रही क्या… दर्द बयां करता ये गढ़वाली गीत

कोरोना के कारण समाज में टूटन और अपनों की दशा के मार्मिक वर्णन के इस गीत को आप भी सुनें और फिर सुनें मनीष की समाज से अपील और गीत को बनाने का कारण…।