February 16, 2026

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पीएम मोदी के बर्थ डे पर लगे थे रिकॉर्ड 251 करोड़ टीके

एक दिन के भीतर ढाई सौ करोड़ टीके लगाने का रिकॉर्ड बनाने के बाद 13 दिनों से टीकाकरण की रफ्तार मंद

नई दिल्ली । देश में एक दिन के भीतर ढाई सौ करोड़ टीके लगाने का रिकॉर्ड बनाने के बाद 13 दिनों से टीकाकरण की रफ्तार मंद है। बीते 20 सितंबर से लेकर 3 अक्तूबर तक हर दिन देश में औसतन 68.38 लाख टीके ही लगाए गए हैं। जबकि एक से 20 सितंबर तक रोजाना औसतन 89.54 लाख टीके लगाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सतत गति से टीकाकरण नहीं हुआ तो इस साल के अंत तक सभी वयस्कों को टीका लगाना मुश्किल होगा। देश में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर रिकॉर्ड 251 करोड़ टीके लगे थे। यह पहला मौका था जब किसी देश ने 24 घंटों के भीतर इतने ज्यादा टीके लगाए।

हालांकि इसके अगले दो दिनों तक टीकाकरण में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 18 सितंबर को 88.37 लाख और 19 सितंबर को 40.43 लाख टीके ही लगे। फिर 20 सितंबर को एक करोड़ टीके लगा दिए गए। हालांकि फिर छह दिनों तक 70 लाख से कम टीके लगे। फिर 27 सितंबर को एक करोड़ टीके लगाए गए। इसके बाद फिर से टीकाकरण धीमा होता गया। 28 सितंबर से लेकर 3 अक्तूबर तक हर दिन 80 लाख से कम टीके ही लगे। इस तरह 21 सितंबर से 3 अक्तूबर तक रोजाना औसतन 68.38 लाख टीके लगाए गए।

बीते महीने 1 से लेकर 20 सितंबर तक हर दिन औसतन 89.54 लाख टीके लगाए गए। इस अवधि में दो बार 6 और 20 सितंबर को एक-एक करोड़ टीके लगे थे, जबकि एक बार 250 करोड़ टीके लगे। मध्य सितंबर तक टीकाकरण की रफ्तार बहुत बेहतर थी, मगर 21 सितंबर से टीकाकरण में गिरावट आने लगी।

21 सितंबर से 3 अक्तूबर तक देश में रोजाना 68.38 लाख टीके ही लगाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने मई में घोषणा की थी कि इस साल के अंत तक सभी वयस्कों को टीका लगा दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पाने के लिए देश में हर दिन 107.4 करोड़ टीके लगाए जाने चाहिए । जबकि अभी देश में 68.38 लाख ही टीके हर दिन लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल में भारत ने एक दिन में एक करोड़ से ज्यादा टीके लगाए हैं, जिससे उसकी इतने टीके लगाने की क्षमता का पता लगता है। जरूरत बस यह है कि सरकार हर दिन इस रफ्तार को बना पाए। ग्रामीण के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में पहले से ही टीकाकरण धीमा चल रहा है।

20 सितंबर से पहले तक ग्रामीण केंद्रों के मुकाबले शहरी इलाकों में आधे टीके लग रहे थे। पर 21 सितंबर के बाद यह अंतर और बढ़ गया है। उदाहरण के लिए 21 सितंबर को ग्रामीण इलाकों में 55 लाख और शहरी में 23 लाख टीके लगे, 27 को ग्रामीण क्षेत्र में 78 और शहरी में 29 लाख टीके लगे। एक अक्तूबर को गांवों में 50 लाख और शहरों में 21 लाख टीके लगे। देश में अब तक कुल 90.79 करोड़ टीके लगे।