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उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना की स्वगणना शुरू, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की भागीदारी

उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना की स्वगणना शुरू, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की भागीदारी
प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई जनगणना के पहले चरण में स्वगणना की शुरुआत हो गई है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने लोकभवन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में स्वगणना कर इसकी शुरुआत की। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि स्वगणना में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

प्रदेश में स्वगणना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर 12 बजे तक 1500 नागरिकों ने स्वगणना के लिए लाग-इन किया था और 1200 व्यक्ति स्वगणना कर चुके थे।
यह सारा डाटा केंद्र से अपडेट हो रहा है। पहले दिन होने के कारण इसकी निगरानी का कार्य चल रहा था।

शुक्रवार को लोकभवन में स्वगणना की शुरुआत करते हुए राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में स्वगणना के माध्यम से सटीक एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि यह वेब पोर्टल यूजर फ्रेंडली बनाया गया है, जिसमें आम आदमी भी बिना परेशानी के सभी सूचनाएं भर सकता है।

इस दौरान निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई तक पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इससे पहले प्रदेशवासी शुक्रवार से 24 अप्रैल तक स्वगणना कर सकते हैं।

वहीं, शाम पांच बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में स्वगणना की प्रक्रिया पूरी की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार डिजिटल जनगणना की ओर अग्रसर हुआ है। जो पारदर्शिता, सटीकता और जनभागीदारी को सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल भारत में डिजिटल युग की ओर एक मजबूत कदम है।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि स्वगणना पोर्टल का उपयोग कर अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी दर्ज करें। इस दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, जनगणना सचिव दीपक गैरोला समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।