देहरादून में अवैध कालोनियों पर चला बुलडोजर, प्लॉटिंग ध्वस्त
शहर और उसके आसपास अनियोजित विकास पर लगाम कसते हुए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। रानीपोखरी और थानों क्षेत्रों में अवैध रूप से विकसित की जा रही कालोनियों पर बुलडोजर चला कर यह साफ कर दिया गया कि बिना नक्शा, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन और बिना प्राधिकरण की अनुमति के प्लॉटिंग अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमडीडीए की इस कार्रवाई में कुल 22 से 27 बीघा भूमि में फैली अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। जांच में सामने आया था कि कृषि और अन्य श्रेणी की भूमि पर बिना किसी स्वीकृति के आंतरिक सड़कें बनाई जा रही थीं, प्लाटों का सीमांकन कर आम लोगों को भूखंड बेचने की तैयारी चल रही थी। घमंडपुर रानीपोखरी क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह और राजेंद्र सिंह कैंतुरा द्वारा करीब 15 से 20 बीघा भूमि में अवैध कालोनी बसाने की तैयारी की जा रही थी। मौके पर आंतरिक सड़कें, पिलर और प्लॉटिंग के स्पष्ट निशान मिले। एमडीडीए की टीम ने सभी अस्थायी ढांचों को ध्वस्त कर दिया, जिससे कालोनी विकसित करने की योजना पर पानी फिर गया।
इसी क्रम में थानों क्षेत्र में सोनिका नेगी और विशाल द्वारा लगभग सात बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। यहां बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लाट काटे जा चुके थे व आम जनता को भूखंड बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। प्राधिकरण की टीम ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग संरचनाओं को हटाया।
नियम तोड़े तो टूटेगा निर्माण: एमडीडीए
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग व अनधिकृत कालोनियों का विकास आम नागरिकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बिना स्वीकृत ले-आउट और सीएलयू के की जा रही प्लॉटिंगन सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की जीवनभर की पूंजी को भी जोखिम में डालती है। ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण के साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की पुष्टि जरूर करें।
