Home टॉप Agnipath Scheme | योजना पर प्रियंका और राहुल ने उठाये सवाल

Agnipath Scheme | योजना पर प्रियंका और राहुल ने उठाये सवाल

Agnipath Scheme | योजना पर प्रियंका और राहुल ने उठाये सवाल

नई दिल्ली । कांग्रेस ने ‘अग्निपथ’ योजना को देशहित के विरूद्ध करार देकर कहा कि इस योजना को तत्काल वापस ले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सरकार को देश के नौजवानों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि सेना की भर्ती की आयुसीमा में तीन साल की छूट दी जाए तथा जरूरत पड़े तब रक्षा एवं सेना से जुड़े पूरे मामले पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र या सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, अग्निपथ – नौजवानों ने नकारा, कृषि कानून -किसानों ने नकारा, नोटबंद-अर्थशास्त्रियों ने नकारा, जीएसटी-व्यापारियों ने नकारा। उन्होंने आरोप लगाया, “देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते क्योंकि उन्हें अपने ‘मित्रों’ की आवाज के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता।”

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, 24 घंटे भी नहीं बीते कि मोदी सरकार को नई आर्मी भर्ती का नियम बदलना पड़ा। मतलब, योजना जल्दबाजी में युवाओं पर थोपी जा रही है।” उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी जी, इस योजना को तुरंत वापस लीजिए, वायुसेना की रुकी भर्तियों में नियुक्ति और परिणाम दीजिए। सेना भर्ती को (आयु में छूट देकर) पहले की तरह कीजिए।”

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘‘यह योजना सेना के हित में नहीं है। यह भारत के हित में नहीं है। इस सरकार को दूसरे देशों की नकल करने की आदत हो गई है। वह सेना और देश के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती। उनका कहना है, सेना में दो लाख से अधिक पद खाली हैं। भर्ती प्रक्रिया तत्काल आरंभ की जाए। देश की सुरक्षा, सेना और देशभक्ति की भावना में कोई वाणिज्यिक हित नहीं हो सकता।’’

हुड्डा ने केंद्र से आग्रह किया, अग्निपथ योजना को अविलंब वापस लिया जाए। भर्ती की आयुसीमा में तीन साल की छूट दी जाए क्योंकि तीन साल से भर्ती नहीं हुई। जिन काबिल नौजवानों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को मुआवजा दे। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और पूरी सरकार देश के नौजवानों से माफी मांगे। हुड्डा ने कहा, सरकार को सेना पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रनीति के तहत काम करना चाहिए। रक्षा, सेना और इससे जुड़े मुद्दों पर जरूरी हो, तब संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए या फिर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।

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