February 20, 2026

Newz Studio

सरल और संक्षिप्त

*शारदीय नवरात्रि 2020 | द्वितीय दिवस – कैसे खुश होंगी माँ ब्रह्मचारिणी*

साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं।

 

नवरात्र पर्व के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार माँ ब्रह्मचारिणी तप का आचरण करने वाली सात्विक स्वरुप में होती हैं।

इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है।

माँ ब्रह्मचारिणी की साधना में लिप्त साधक कैसे प्रसन्न करें माँ को – जानें मायापुर, हरिद्वार के प्राचीन नारायणी शिला (प्रेतशिला) मंदिर के पंडित मनोज कुमार शास्त्री (त्रिपाठी) जी से।