हरिद्वार में वन गुर्जरों ने मार डाले राष्ट्रीय पशु! एक ही दिन में दो बाघों की मौत से हड़कंप
हरिद्वार में बाघ के बाद बाघिन का शव बरामद, एक ही दिन दो बाघों की मौत से वन विभाग में हड़कंप, अबतक एक गुर्जर गिरफ्तार![]()
हरिद्वार: वन विभाग हरिद्वार की श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट के जंगल में दो बाघों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है. जहां एक दिन पहले दो वर्षीय नर बाघ का शव बरामद हुआ था, तो वहीं आज उसी के करीब 150 मीटर की दूरी पर मादा बाघ का शव मिला है. बताया जा रहा है कि मृतक मादा बाघ की उम्र भी करीब दो वर्ष है. दोनों बाघ बाघिन भाई-बहन थे.
बाघिन के शव को एक गदेरे में पत्ते डालकर छिपाया हुआ था. आरोपियों ने उसके भी पैर काटे हुए थे. वहीं, अब उनकी मां की तलाश में सर्च अभियान जारी है. मां के साथ भी अनहोनी की आशंका है. फिलहाल, दो बाघों के शिकार के बाद हरिद्वार से लेकर देहरादून और दिल्ली तक हड़कंप मच गया है. हालांकि, एक वन गुर्जर को हरिद्वार वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं.
18 मई की शाम को बरामद हुआ था नर बाघ का शव, 19 मई को दिन में बाघिन भी मृत मिली: हरिद्वार वन विभाग की टीम को बीते सोमवार यानी 18 मई की शाम को श्यामपुर रेंज अंतर्गत सजनपुर बीट, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या 9 में सर्चिंग के दौरान जंगल में दो वर्षीय नर बाघ का शव बरामद हुआ था. बाघ के चारों पैर कटे मिले थे. जबकि, उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए.
मौके से एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भैंस के शव पर पहले जहरीला पदार्थ छिड़का गया. जिसे बाघों के झुंड ने खा लिया और फिर पास में ही नर बाघ का शव बरामद हुआ. वन विभाग को वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मुखबिर से मिली थी. सूचना मिलने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था.
जांच में सामने आया कि आरोपी रात के अंधेरे में बाघ की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग ने कार्रवाई कर दी और एक वन गुर्जर को दबोच लिया. वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी ही थी कि आज यानी 19 मई को दिन में घटनास्थल के डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर ही बाघिन का शव मिलने से सनसनी मच गई.
जानिए कैसे किया था बाघ का शिकार? वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दो दिन पहले बाघिन ने वन गुर्जरों की भैंस का शिकार किया था. उसके बाद वन गुर्जरों ने भैंस के शव को बरामद कर लिया. वन गुर्जरों ने मृत भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़क दिया. जैसे ही बाघों ने भैंस के मांस को खाया, वैसे ही उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने बाघों के पैर काट दिए और फिर उसे मार्केट में बेचने की तैयारी कर रहे थे.
आरोपी जंगल में ही बाघ के क्षत विक्षत शव को छोड़कर घर आ गए. अगले दिन रात को उन्हें शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन उससे पहले किसी ने मुखबिरी कर दी. वन विभाग की टीम ने जंगल से पहले सोमवार को एक नर शव बरामद कर लिया और फिर मंगलवार को उसकी की बहन मादा बाघ का शव भी बरामद हुआ. आरोपियों ने उसके भी पैर कटे दिए थे और पत्तों से शव को ढक दिया था.
राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में लापरवाही: जिस स्थान पर जंगल में दो साल के दो बाघ-बाघिन का शिकार किया गया और जंगल से ही उनका शव मिला है, वो राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग की सीमा के बीच स्थित है. खासकर बाघ और हाथियों की मूवमेंट वाले इस स्थान को अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है.
यहां कई बाघ विचरण करते हैं. ऐसे में एक साथ दो बाघों के शिकार हो जाने के बाद यहां विभागीय लापरवाही सामने आई है. यदि यहां सघन गश्त की जाती तो, इतना बड़ी घटना से बचा जा सकता था. फिलहाल, बाघ की मौत के बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
वन गुर्जरों को जारी परमिट की क्षमता से ज्यादा वन गुर्जरों का निवास: सबसे ज्यादा संवेदनशील श्यामपुर रेंज स्थित सिद्ध श्रोत और खारा क्षेत्र है. यहां पर बीते कुछ सालों में गुर्जरों या गुज्जर के डेरे राजाजी की सीमा तक पहुंच गए हैं. वन गुर्जरों की संख्या के साथ ही इनकी भैंसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है.
पूर्व में शिकायत मिली है कि वन्यकर्मियों की लापरवाही के चलते अक्सर वन गुर्जर भैंसों को चराने के लिए रिजर्व फॉरेस्ट तक में घुस जाते हैं और इसी आड़ में वन संपदा को नुकसान पहुंचाते हैं. वन प्रभाग की लापरवाही के चलते ये वन गुर्जर कभी भी राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं.
मृतक बाघ की मां के साथ रहने की संभावना: जंगल में जिस दो साल के दो बाघों के शव मिले है, संभावना जताई जा रही है कि वो अपनी मां के साथ रह रहे थे. क्योंकि, दो से तीन साल तक बाघों के बच्चे मां के साथ ही जंगल में रहते हैं और मां से ही शिकार करने के तौर तरीके सीखते हैं.
आशंका है कि बच्चों के साथ मां ने भी जहरीला मांस खाया होगा. वन विभाग की टीम के साथ ही राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन मां की तलाश में जुटे हैं. यदि मां की तलाश हो गई तो ठीक है, वरना मृतक बाघों की मां के साथ भी किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता.
एक वन गुर्जर गिरफ्तार, तीन फरार: 18 मई को नर बाघ का शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तार आरोपी की पहचान आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर, निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या 9 है. जबकि, उसके तीन साथी आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी फरार चल रहे हैं. अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
“जहां से दो साल के नर बाघ का शव मिला था, उसी से थोड़ी दूर सर्चिंग के दौरान गदेरे से मादा बाघ का शव भी मिला है. आरोपियों ने शव को पत्तों से ढककर छिपा रखा था. टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है. फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.“-स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ
