गांधी की विरासत को मजबूत बनाएं: राष्ट्रपति

“गांधीवाद के मूल्य और विभिन्न पद्धतियां केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं,” राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती पर देश को संबोधित करते हुए कहा।

देहरादून: “गांधीवाद के मूल्य और विभिन्न पद्धतियां केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं,” राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर देश को संबोधित करते हुए कहा। गाँधी जयंती के उपलक्ष में उन्होंने कहा की यह हम सबके लिए सत्य, अहिंसा, सौहार्द, नैतिकता और सादगी के मूल्यों के प्रति पुनर्समर्पित करने का विशेष अवसर है। “सत्य, अहिंसा और सर्वोदय – मानवता के प्रति महात्मा गांधी के अनेक संदेशों केआधार रहे हैं, उन्होंने कहा।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी जी का पूरे विश्व में सम्मान है। संयुक्त राष्ट्र ने गांधी जयंती को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है।

“गांधी जी की दृष्टि और कार्यों में व्यक्तिगत तथा सामूहिक जीवन का प्रत्येक आयाम समाहित है। उन्होंने हमें सामुदायिक एकता, अस्पृश्यता की समाप्ति, महिलाओं का सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण व जल संरक्षण का मार्ग दिखाया”, उन्होंने कहा।

स्वच्छ भारत का उल्लेख करते हुए कोविंद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को एक आंदोलन का रूप देकर देशवासियों ने राष्ट्रपिता को सच्ची श्रृद्धांजलि दी है। समावेशी विकास, सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता व ईमानदारी गरीबों को स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा, किसानों को सहयोग तथा जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग आदि पर हमारे राष्ट्र का विशेष ध्यान गांधी जी के विचारों के अनुरूप है।

उन्होंने देशवासियों से मिलकर महात्मा गांधी की विरासत को मजबूत बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

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