निजी स्कूल, कॉर्पोरेट संस्थान पर शिकंजा

कोर्ट ने निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है जिसके बाद देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से 80 हजार और दून स्कूल से 1 करोड़ 60 लाख रूपए का टैक्स वसूला गया है। आईटी पार्क के अन्दर भी ऐसे तमाम संस्थान है जो टैक्स नहीं दे रहे है जबकि ये सभी संस्थान कमर्शियल है।

ख़ास बात:

  • निजी स्कूल और कॉर्पोरेट संस्थानों पर निगम का शिकंजा।
  • कोर्ट ने सुनाया था नगर निगम के पक्ष में फैसला।
  • 21 मार्च का दिया अल्टीमेटम, टैक्स नही जमा किया तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई।

देहरादून: नगर निगम, देहरादून अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रहा है जिसके तहत शहर में चल रहे निजी स्कूलों और कार्पोरेट संस्थानों  पर नगर निगम ने टैक्स वसूली का शिकंजा कसना शुरु कर  दिया है। मुख्य नगर आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि शहर में संचालित निजी स्कूल बच्चों से मोटी फीस वसूला करते है लेकिन निगम को टैक्स देने के नाम पर शिक्षण संस्थान होने का दावा करके इससे बच जाते है।

इस समस्या के चलते निगम और निजी स्कूलों के बीच कोर्ट में मामला चल रहा था जिसमें कोर्ट ने निगम के पक्ष में फैसला सुनाया है जिसके बाद देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से 80 हजार और दून स्कूल से 1 करोड़ 60 लाख रूपए का टैक्स वसूला गया है।

इसके साथ ही नगर आयुक्त ने बताया आईटी पार्क के अन्दर भी ऐसे तमाम संस्थान है जो टैक्स नहीं दे रहे है जबकि ये सभी संस्थान कमर्शियल है और परिवहन निगम के आईएसबीटी बस स्टेण्ड, सिटी मॉल को भी नोटिस भेजा गया है। अगर 21 मार्च तक ये संस्थान निगम में टैक्स नहीं जमा करते है तो इन सभी संस्थानों पर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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