ट्रैफिक नियम: कंपाउंडिंग दरें लागू

उत्तराखंड में यातायात के नियमों को तोड़ना अब से भारी पड़ेगा। बुधवार से नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सरकार ने राज्य-स्तरीय कंपाउंडिंग की नई दरें लागू कर दीं है।

ख़ास बात:

  • नए मोटर व्हीकल एक्ट में प्रदूषण के लिए 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया है।
  • पहली बार प्रदूषण मानक का उल्लंघन करने पर 2500 और दूसरी बार 5000 रुपये की कंपाउंडिंग तय की गई है।
  • वाहन चलाते समय मोबाइल या हैंड हेल्ड कम्युनिकेशन डिवाइस का प्रयोग करने पर 1000 रुपये और दूसरी तथा बार-बार अपराध करने पर पांच हजार का कंपाउंड शुल्क।
  • दुपहिया वाहन चालक और सवार ने हेलमेट नहीं पहना,  तो 1000 रुपये जुर्माना देना होगा, तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त ।
  • एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व इमरजेंसी वाहन का मार्ग रोका,  तो 5000 रुपये का जुर्माना भुगतना होगा ।
  • वाहन चालक या उसमें बैठे यात्री ने सील्ट बेल्ट नहीं बांधी होगी तो 1000 रुपये देने होंगे ।
  • बार-बार वर्जित या सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक हार्न बजाने पर पहली बार 1000 रुपये दूसरी बार 2000 रुपये जुर्माना देना होगा।

देहरादून: उत्तराखंड में यातायात के नियमों को तोड़ना अब से भारी पड़ेगा। बुधवार से नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सरकार ने राज्य-स्तरीय कंपाउंडिंग की नई दरें लागू कर दीं है। इससे पहले यह कानून चेतावनी के तौर पर जारी था, लेकिन अब सरकार ने इस पर अधिसूचना जारी कर दी है यानि कि अब से ट्रैफिक नियमों को तोडना महंगा पड़ेगा।

फिलहाल राहत के तौर पर प्रदूषण के मानक पूरे करने के लिए सरकार ने 31 अक्तूबर तक की मोहलत दी है। इसके साथ ही छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए कार में लगने वाली सुरक्षात्मक सीट पर भी राहत दी गई है। नए मोटर व्हीकल एक्ट में प्रदूषण के लिए 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया है।

इस मामले को संभाल रहे डीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था, अशोक कुमार का कहना है कि लोगों को भी ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक होना चाहिये जिससे दुर्घटनाएं भी कम होंगी।

नए एक्ट के तहत राज्य ने वाहन में पहली बार प्रदूषण मानक का उल्लंघन करने पर 2500 और दूसरी बार के लिए 5000 रुपये की कंपाउंडिंग तय की है। फिलहाल 31 अक्टूबर तक प्रदूषण मानक उल्लंघन पर पुरानी दरें लागू रहेंगी। किसी वाहन का बीमा नहीं पाया गया तो उस पर 1000 रुपये से 4000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा।

जारी अधिसूचना में इस अपराध में पकड़े जाने वाले दुपहिया व तिपहिया वाहन पर पहली बार में 1000 रुपये, उसके बाद फिर पकड़े जाने पर 2000 रुपये कंपाउंड शुल्क तय किया गया है, जबकि कारों व अन्य वाहनों से इस तरह के अपराध में पहली बार में 2000 रुपये और दूसरी व बार-बार पकड़े जाने पर 4000 रुपये की वसूली होगी।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, यदि कोई वाहन चलाते समय मोबाइल या हैंड हेल्ड कम्युनिकेशन डिवाइस का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया तो पहली बार में 1000 रुपये और दूसरी तथा बार-बार अपराध करने पर पांच हजार का कंपाउंड शुल्क वसूला जाएगा। अगर दुपहिया वाहन चालक और सवार ने हेलमेट नहीं पहना,  तो 1000 रुपये जुर्माना देना होगा, तीन माह के लिए लाइसेंस निरस्त । यदि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड व इमरजेंसी वाहन का मार्ग रोका,  तो 5000 रुपये का जुर्माना भुगतना होगा । अगर वाहन चालक या उसमें बैठे यात्री ने सील्ट बेल्ट नहीं बांधी होगी तो 1000 रुपये देने होंगे । बार-बार वर्जित या सार्वजनिक स्थान पर अनावश्यक हार्न बजाने पर पहली बार 1000 रुपये दूसरी बार 2000 रुपये जुर्माना देना होगा।

 

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